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छात्रों को राजनीतिक हथियार बना रहे राहुल गांधी- धर्मेंद्र प्रधान

   केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर कांग्रेस ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी की, जबकि सरकार NEET समेत छात्रों के मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। कांग्रेस ने भी धर्मेंद्र प्रधान पर पलटवार करते हुए कहा है कि ‘भाषण मत दो, इस्तीफा दो।

      नई दिल्ली: NEET परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से शुरू हुआ प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे लेवल में पहुंच गया। संसद मार्च में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता पीएम हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी वहां पहुंचे। शाम करीब पौने सात बजे दिल्ली पुलिस ने राहुल, प्रियंका, खरगे, अखिलेश समेत कई को हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस ने प्रधान पर पलटवार करते हुए कहा है कि ‘भाषण मत दो, इस्तीफा दो।’

धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘राहुल गांधी और कांग्रेस मानसून सत्र के दौरान हंगामा करने के लिए छात्रों का राजनीतिक हथियार के तौर पर बेशर्मी से इस्तेमाल कर रही है। शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर आम लोगों को असुविधा पहुंचाई और सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी की।

वहीं शिक्षा मंत्री की इस पोस्ट को शेयर करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, ‘भाषण मत दो, इस्तीफा दो’।

राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए हंगामा: धर्मेंद्र प्रधान

प्रधान ने कहा, सरकार द्वारा विस्तृत चर्चा के लिए तैयार होने की बात कहने के बाद भी, कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस के बजाय राजनीतिक तमाशा खड़ा करना चुना। उनका मकसद कभी भी छात्रों के लिए समाधान खोजना नहीं था, बल्कि राजनीतिक सुर्खियां बटोरने के लिए हंगामा करना था। उन्होंने कहा, राहुल गांधी के लिए यह मामला छात्रों से जुड़ा नहीं है। यह मामला चर्चा के हर सही रास्ते के खुले होने के बावजूद टकराव पैदा करने का है।

NEET पर चर्चा के लिए हम प्रतिबद्ध: धर्मेंद्र प्रधान

शिक्षा मंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘हमारी सरकार सदन में NEET पर चर्चा करने और युवाओं की हर जायज चिंता का समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत के छात्र राजनीतिक अभियान में मोहरे की तरह इस्तेमाल किए जाने के बजाय बेहतर व्यवहार के हकदार हैं। वे अराजकता के बजाय निश्चितता, नारों के बजाय समाधान और हंगामे के बजाय जिम्मेदारी के हकदार हैं।

उन्होंने आगे कहा, ‘हम छात्रों के प्रति केवल आक्रोश दिखाने से कहीं अधिक के लिए जिम्मेदार हैं। हम उन्हें जवाब, सुधार और जवाबदेही देने के लिए जिम्मेदार हैं। हमारी सरकार ठीक यही सब करने के लिए प्रतिबद्ध है।