तीन चौथाई व्यापारियों ने यूपीआई से 2,000 रुपये से ज्यादा का लेनदेन कभी नहीं किया!
भारत में डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले करीब तीन-चौथाई व्यापारियों ने एकबार में कभी 2,000 रुपये से अधिक का कोई लेनदेन नहीं किया है। इसलिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) का उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी दिलीप आस्बे ने आज ये बातें कहीं।
आस्बे की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब देश भर के व्यापारी और कारोबारी संगठनों ने 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने यानी यूपीआई से लेनदेन नहीं करने की घोषणा की है। ये संगठन 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं। आस्बे ने बताया कि एमडीआर से मिलने वाली कुल राशि का करीब 80 फीसदी हिस्सा ऐसे कारोबारों से आएगा, जिनका सालाना सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
बाकी 10 फीसदी ऐसे व्यापारियों से आएगा जिनका सालाना कारोबार 1 करोड़ रुपये से अधिक है। इस तरह कुल एमडीआर मूल्य का लगभग 90 फीसदी हिस्सा इन व्यापारियों से आएगा और ये पहले से ही क्रेडिट कार्ड जैसे एमडीआर वाले भुगतान के तरीके स्वीकार करते हैं। ऐसे में इस बात की संभावना कम है कि वे इसकी लागत का भार ग्राहकों पर डालेंगे।
हालांकि उन्होंने आगाह किया कि 10 फीसदी व्यापार मूल्य पर एमडीआर की लागत ग्राहकों पर डाले जाने का जोखिम हो सकता है। लेकिन बैंक, भुगतान एग्रीगेटर और एनपीसीआई यह सुनिश्चित करेंगे कि यह शुल्क ग्राहकों से न वसूला जाए। उन्होंने कहा, ‘किसी उपभोक्ता से शुल्क लिए जाने का वास्तविक जोखिम कुल मूल्य का केवल 10 फीसदी है।’ आस्बे मुंबई में आयोजित एसबीआई बैंकिंग ऐंड इकनॉमिक्स कॉन्क्लेव में बोल रहे थे।
भारत में करीब 6 करोड़ से अधिक व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करते हैं। अस्बे ने कहा, ‘हमारे पास करीब 6 करोड़ विशिष्ट व्यापारी हैं। इनमें से 75 फीसदी ने 2,000 रुपये से अधिक का कोई लेनदेन नहीं किया है। इसलिए हमारी नीति का उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।’ अस्बे ने कहा कि उद्योग को यूपीआई लेनदेन की मात्रा और मूल्य पर बड़े प्रभाव की उम्मीद नहीं है।
पिछले सप्ताह एनपीसीआई ने चुनिंदा व्यापारियों को किए जाने वाले यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लागू करने की अधिसूचना जारी की थी। एनपीसीआई ने यूपीआई से 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारी लेनदेन पर 0.40 फीसदी शुल्क लगाया है। एमडीआर ग्राहकों पर लागू नहीं होगा। यह वह शुल्क है जो कोई व्यापारी यूपीआई, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड जैसे डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए देता है।
