Headlines

इतिहास-स्मृति टाइगर हिल की जीत

8 जुलाई/इतिहास-स्मृति टाइगर हिल की जीत पाकिस्तान अपनी मजहबी मान्यताओं के कारण जन्म के पहले दिन से ही अन्ध भारत विरोध का मार्ग अपनाये है। जब भी उसने भारत पर हमला किया, उसे मुँह की खानी पड़ी। ऐसा ही एक प्रयास उसने 1999 में किया, जिसे ‘करगिल युद्ध’ कहा जाता है। टाइगर हिल की जीत…

Read Full News

इतिहास-स्मृति वीर सावरकर की ऐतिहासिक छलांग

8 जुलाई/इतिहास-स्मृति वीर सावरकर की ऐतिहासिक छलांग अंग्रेजों के विरुद्ध लड़े गये भारत के स्वाधीनता संग्राम में वीर विनायक दामोदर सावरकर का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर देश ही नहीं, तो विदेश में भी क्रांतिकारियों को तैयार किया। इससे अंग्रेजों की नाक में दम हो गया। अतः ब्रिटिश शासन ने उन्हें…

Read Full News

इतिहास स्मृति:चाफेकर बन्धुओं द्वारा वाल्टर चार्ल्स रैण्ड तथा आयर्स्ट-ये  का वध

22 जून / इतिहास स्मृति चाफेकर बन्धुओं द्वारा वाल्टर चार्ल्स रैण्ड तथा आयर्स्ट-ये  का वध सन्‌ 1897 में पुणे नगर प्लेग जैसी भयंकर बीमारी से पीड़ित था। इस स्थिति में भी अंग्रेज अधिकारी जनता को अपमानित तथा उत्पीड़ित करते रहते थे। वाल्टर चार्ल्स रैण्ड तथा आयर्स्ट-ये दोनों अंग्रेज अधिकारी लोगों को जबरन पुणे से निकाल रहे…

Read Full News

बलिदान विशेष -दिवस नगर सेठ अमरचन्द बांठिया को फांसी

22 जून/बलिदान-दिवस नगर सेठ अमरचन्द बांठिया को फांसी स्वाधीनता समर के अमर सेनानी सेठ अमरचन्द मूलतः बीकानेर (राजस्थान) के निवासी थे। वे अपने पिता श्री अबीर चन्द बाँठिया के साथ व्यापार के लिए ग्वालियर आकर बस गये थे। जैन मत के अनुयायी अमरचन्द जी ने अपने व्यापार में परिश्रम, ईमानदारी एवं सज्जनता के कारण इतनी…

Read Full News

21 जून अद्भुत खगोलीय घटना सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात- मौसम विज्ञानी,डॉ दिलीप कुमार सिंह

21 जून को पृथ्वी का अत्यंत महत्वपूर्ण भौगोलिक दिन होता है जबकि सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होती है 21 जून को जौनपुर और आसपास लगभग 14 घंटे का दिन और 10 घंटे की रात होती है जबकि 22 दिसंबर को इसका उल्टा होता है जब 14 घंटे की रात और 10 घंटे…

Read Full News

उनकी शहादत की खबर जब बाहर आई, तो पूरा देश रो पड़ा था……

शरीर से मांस का एक-एक कतरा गल चुका था। पसलियां बाहर आ गई थीं। हिलने-डुलने तक की ताकत नहीं बची थी। जब अंग्रेजों ने देखा कि यह 25 साल का लड़का टूट नहीं रहा, तो उन्होंने जबरदस्ती नाक में नली ठूंसकर दूध पिलाने की कोशिश की। वह नली खाने की नली की जगह फेफड़ों में…

Read Full News

हिंदू थे पाकिस्तान के ‘कायद-ए-आजम’ मोहम्मद अली जिन्ना, गुजरात से था रिश्ता

   पाकिस्तान के कायद-ए-आजम यानि राष्ट्रपिता माने जाने वाले मोहम्मद अली जिन्ना की जिंदगी काफी दिलचस्प थी. उनके जीवन की कई घटनाएं ऐसी हैं, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं. जिक्र ये भी होता है कि उनका परिवार दरअसल हिंदू था, जिसने बाद में इस्लाम धर्म अपना लिया था.     इतिहास के…

Read Full News

कुछ याद उन्हें भी कर लो….बलिदान दिवस विशेष :काकोरी कांड के नायक पंडित रामप्रसाद

 19 दिसम्बर/बलिदान दिवस काकोरी कांड के नायक : पंडित रामप्रसाद बिस्मिल पंडित रामप्रसाद का जन्म 11 जून, 1897 को शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। इनके पिता श्री मुरलीधर शाहजहाँपुर नगरपालिका में कर्मचारी थे; पर आगे चलकर उन्होंने नौकरी छोड़कर निजी व्यापार शुरू कर दिया। रामप्रसाद जी बचपन से महर्षि दयानन्द तथा आर्य समाज से…

Read Full News

जाड़े में कैसा हो हमारा भोजन ‌और रहन सहन-डॉ दिलीप कुमार सिंह

जाड़े में कैसा हो हमारा भोजन ‌और रहन सहन-डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि ठंड का मौसम आते ही सब कुछ बदल जाता है इसके पूर्व वर्षा की ऋतु होती है जिसमें कभी सुहावना मौसम कभी उमस और पसीना तो कभी बेहद नम और कभी शुष्क मौसम का सामना एक साथ करना पड़ता…

Read Full News

जन्म दिवस विशेष डॉ राजेंद्र प्रसाद -अधिवक्ता से राष्ट्रपति तक का सफर

 3 दिसम्बर/जन्म-दिवस आत्मविश्वास के धनी राजेन्द्र बाबू डॉ राजेंद्र प्रसाद का जन्म ग्राम जीरादेई( जिला छपरा, बिहार) में 3 दिसम्बर, 1884 को श्री महादेव सहाय के घर में हुआ था। बिहार के एक विद्यालय में परीक्षा समाप्ति के बाद कक्षाध्यापक महोदय सबको परीक्षाफल सुना रहे थे। उनमें एक प्रतिभाशाली छात्र राजेन्द्र भी था। उसका नाम…

Read Full News