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जन्म दिन विशेष :एकात्म मानववाद के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय

25 सितम्बर/जन्म-दिवस             एकात्म मानववाद के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय सुविधाओं में पलकर कोई भी सफलता पा सकता है; पर अभावों के बीच रहकर शिखरों को छूना बहुत कठिन है। 25 सितम्बर, 1916 को जयपुर से अजमेर मार्ग पर स्थित ग्राम धनकिया में अपने नाना पण्डित चुन्नीलाल शुक्ल के घर जन्मे दीनदयाल उपाध्याय ऐसी ही विभूति थे।…

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जन्म दिन विशेष :केरल में धर्मरक्षक स्वामी सत्यानन्द सरस्वती

25 सितम्बर/जन्म-दिवस केरल में धर्मरक्षक स्वामी सत्यानन्द सरस्वती केरल भारत का ऐसा तटवर्ती राज्य है, जहां विरोधी शक्तियां मिलकर हिन्दू अस्मिता को मिटाना चाहती हैं। यद्यपि वहां के हिन्दुओं में धर्म भावना असीम है; पर संगठन न होने के कारण उन्हें अपमान झेलना पड़ता है। जातिगत भेदभाव की अत्यधिक प्रबलता के कारण एक बार स्वामी…

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पुण्य-तिथि विशेष :एकात्मता के पुजारी  नारायण गुरु

20 सितम्बर/पुण्य-तिथि एकात्मता के पुजारी  : नारायण गुरु हिन्दू धर्म विश्व का सर्वश्रेष्ठ धर्म है; पर छुआछूत और ऊंचनीच जैसी कुरीतियों के कारण हमें नीचा भी देखना पड़ता है। इसका सबसे अधिक प्रकोप किसी समय केरल में था। इससे संघर्ष कर एकात्मता का संचार करने वाले श्री नारायण गुरु का जन्म 1856 ई. में तिरुअनंतपुरम् के…

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जन्मदिन विशेष :राष्ट्रचेतना के कर्मयोगी एवं अप्रतिम महापुरुष आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी !

     भारत केवल एक भौगोलिक इकाई अथवा राजनीतिक राष्ट्र नहीं है; वह सनातन सांस्कृतिक चेतना, सहस्राब्दियों से प्रवहमान जीवन्त सभ्यता और मानवता के आध्यात्मिक उत्कर्ष की दिव्य प्रयोगभूमि है। इस पुण्यभूमि ने संसार को वेदों का ज्ञान, उपनिषदों का आत्मबोध, भगवान श्रीराम की मर्यादा, भगवान श्रीकृष्ण का कर्मयोग, भगवान बुद्ध की करुणा, भगवान महावीर…

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इतिहास-स्मृति टाइगर हिल की जीत

8 जुलाई/इतिहास-स्मृति टाइगर हिल की जीत पाकिस्तान अपनी मजहबी मान्यताओं के कारण जन्म के पहले दिन से ही अन्ध भारत विरोध का मार्ग अपनाये है। जब भी उसने भारत पर हमला किया, उसे मुँह की खानी पड़ी। ऐसा ही एक प्रयास उसने 1999 में किया, जिसे ‘करगिल युद्ध’ कहा जाता है। टाइगर हिल की जीत…

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इतिहास-स्मृति वीर सावरकर की ऐतिहासिक छलांग

8 जुलाई/इतिहास-स्मृति वीर सावरकर की ऐतिहासिक छलांग अंग्रेजों के विरुद्ध लड़े गये भारत के स्वाधीनता संग्राम में वीर विनायक दामोदर सावरकर का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर देश ही नहीं, तो विदेश में भी क्रांतिकारियों को तैयार किया। इससे अंग्रेजों की नाक में दम हो गया। अतः ब्रिटिश शासन ने उन्हें…

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इतिहास स्मृति:चाफेकर बन्धुओं द्वारा वाल्टर चार्ल्स रैण्ड तथा आयर्स्ट-ये  का वध

22 जून / इतिहास स्मृति चाफेकर बन्धुओं द्वारा वाल्टर चार्ल्स रैण्ड तथा आयर्स्ट-ये  का वध सन्‌ 1897 में पुणे नगर प्लेग जैसी भयंकर बीमारी से पीड़ित था। इस स्थिति में भी अंग्रेज अधिकारी जनता को अपमानित तथा उत्पीड़ित करते रहते थे। वाल्टर चार्ल्स रैण्ड तथा आयर्स्ट-ये दोनों अंग्रेज अधिकारी लोगों को जबरन पुणे से निकाल रहे…

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बलिदान विशेष -दिवस नगर सेठ अमरचन्द बांठिया को फांसी

22 जून/बलिदान-दिवस नगर सेठ अमरचन्द बांठिया को फांसी स्वाधीनता समर के अमर सेनानी सेठ अमरचन्द मूलतः बीकानेर (राजस्थान) के निवासी थे। वे अपने पिता श्री अबीर चन्द बाँठिया के साथ व्यापार के लिए ग्वालियर आकर बस गये थे। जैन मत के अनुयायी अमरचन्द जी ने अपने व्यापार में परिश्रम, ईमानदारी एवं सज्जनता के कारण इतनी…

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21 जून अद्भुत खगोलीय घटना सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात- मौसम विज्ञानी,डॉ दिलीप कुमार सिंह

21 जून को पृथ्वी का अत्यंत महत्वपूर्ण भौगोलिक दिन होता है जबकि सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होती है 21 जून को जौनपुर और आसपास लगभग 14 घंटे का दिन और 10 घंटे की रात होती है जबकि 22 दिसंबर को इसका उल्टा होता है जब 14 घंटे की रात और 10 घंटे…

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उनकी शहादत की खबर जब बाहर आई, तो पूरा देश रो पड़ा था……

शरीर से मांस का एक-एक कतरा गल चुका था। पसलियां बाहर आ गई थीं। हिलने-डुलने तक की ताकत नहीं बची थी। जब अंग्रेजों ने देखा कि यह 25 साल का लड़का टूट नहीं रहा, तो उन्होंने जबरदस्ती नाक में नली ठूंसकर दूध पिलाने की कोशिश की। वह नली खाने की नली की जगह फेफड़ों में…

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