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अधिवक्ता परिषद का स्थापना दिवस,न्याय, राष्ट्र और समाज के प्रति अधिवक्ताओं की प्रतिबद्धता का संकल्प दिवस है -रणंजय सिंह

       अधिवक्ता परिषद काशी जनपद इकाई जौनपुर द्वारा अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का स्थापना दिवस व वरिष्ठ अधिवक्ता सम्मान समारोह दीवानी न्यायालय सभागार में भब्यता के साथ मनाया गया इस अवसर विशेष पर वरिष्ठ अधिवक्ता सर्व श्री शारतेन्दु चतुर्वेदी वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ जौनपुर श्री अरुण प्रजापति एडवोकेट पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ जौनपुर व श्री विनोद सिंह एडवोकेट श्री ओम प्रकाश सिंह एडवोकेट व श्री मती मंजू शास्त्री एडवोकेट को अधिवक्ता परिषद जौनपुर के पदाधिकारीगण सर्व श्री अजीत सिंह एडवोकेट सुनील गुप्ता एडवोकेट हीरा पाण्डेय एडवोकेट श्री आनंद तिवारी एडवोकेट व श्री मती रोहिणी पाण्डेय एडवोकेट द्वारा माल्यार्पण अंगवस्त्र तथा कलम भेंटकर सम्मानित किया गया 
      अधिवक्ता केवल न्यायालय में किसी पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु होता है। विधि के शासन, नागरिक अधिकारों तथा सामाजिक न्याय की स्थापना में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी व्यापक दायित्व की भावना को केंद्र में रखते हुए अधिवक्ता परिषद जौनपुर, उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस अधिवक्ता समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है।
    स्थापना दिवस केवल किसी संस्था की स्थापना की स्मृति का अवसर नहीं होता, बल्कि यह संस्था के मूल उद्देश्यों, आदर्शों और भविष्य की दिशा को पुनः स्मरण करने का दिन भी होता है। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद से जुड़े अधिवक्ता न्यायपालिका की गरिमा, विधि के शासन और समाज के प्रति अपने दायित्वों को और अधिक मजबूती से निभाने का संकल्प ले सकते हैं।
न्याय के प्रति समर्पण
भारतीय न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। एक अधिवक्ता अपने मुवक्किल के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ न्यायालय के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाता है। सत्य, विधि और न्याय के मूल सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता ही अधिवक्ता के पेशे की वास्तविक पहचान है।
अधिवक्ता परिषद जौनपुर का स्थापना दिवस इसी भावना को आगे बढ़ाने का अवसर है कि विधि व्यवसाय केवल आजीविका का माध्यम न होकर समाज में न्याय और विधिक जागरूकता के विस्तार का माध्यम भी बने।
युवा अधिवक्ताओं के लिए मार्गदर्शन
   किसी भी विधिक संस्था की शक्ति उसके अनुभवी अधिवक्ताओं के साथ-साथ युवा अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी में निहित होती है। युवा अधिवक्ताओं को विधि के निरंतर बदलते स्वरूप, न्यायिक प्रक्रियाओं और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
स्थापना दिवस जैसे अवसर वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव और युवा पीढ़ी की ऊर्जा को एक मंच पर लाने का माध्यम बन सकते हैं। इससे विधि व्यवसाय में अनुशासन, अध्ययन और व्यावसायिक नैतिकता को बढ़ावा मिलता है।
समाज में विधिक जागरूकता की आवश्यकता
आज समाज के प्रत्येक वर्ग को अपने कानूनी अधिकारों और दायित्वों की जानकारी होना आवश्यक है। महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तथा अन्य जरूरतमंद लोगों तक विधिक जानकारी पहुंचाना समाज के लिए महत्वपूर्ण कार्य है।
अधिवक्ता परिषद से जुड़े अधिवक्ता यदि विधिक जागरूकता कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और जनसंवाद के माध्यम से आम नागरिकों को कानून की जानकारी उपलब्ध कराते हैं, तो इससे न्याय तक पहुंच को और व्यापक बनाने में सहायता मिल सकती है।
स्थापना दिवस का संदेश
     अधिवक्ता परिषद जौनपुर का स्थापना दिवस अधिवक्ताओं के लिए आत्मचिंतन और नए संकल्प का अवसर है। यह दिवस हमें याद दिलाता है कि न्यायालय की गरिमा, संविधान और विधि के प्रति सम्मान तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी—अधिवक्ता जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं।
इस अवसर पर परिषद के सभी सदस्यों को संस्था की गरिमा और उद्देश्यों को आगे बढ़ाने, विधिक ज्ञान को निरंतर विकसित करने तथा जरूरतमंदों तक न्याय की पहुंच को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
    स्थापना दिवस की शुभकामनाओं के साथ यही अपेक्षा है कि अधिवक्ता परिषद जौनपुर न्याय, विधि और सामाजिक दायित्वों के क्षेत्र में अपनी सकारात्मक भूमिका को निरंतर आगे बढ़ाती रहे और आने वाली पीढ़ियों के लिए विधिक सेवा एवं नैतिक आचरण की प्रेरणा बने।

     कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री जय प्रकाश सिंह एडवोकेट को अधिवक्ता परिषद जौनपुर के अध्यक्ष द्वारा माल्यार्पण व अंगवस्त्र तथा कलम भेंटकर सम्मानित किया गया अध्यक्षता अधिवक्ता परिषद जौनपुर के अध्यक्ष श्री रणंजय सिंह एडवोकेट ने किया जबकि संचालन महामंत्री श्री सुनील पांडेय एडवोकेट ने किया ! एकल गीत श्री मनोज कुमार गुप्ता एडवोकेट ने मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद जौनपुर के पदाधिकारीगण शासकीय अधिवक्ता वंधुगण सहित सैकड़ों अधिवक्ताओ ने सक्रिय रूप से भाग लिया