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TCS नासिक ऑफिस पर राष्ट्रीय महिला आयोग की सख्त रिपोर्ट…..

TCS नासिक ऑफिस पर राष्ट्रीय महिला आयोग की सख्त रिपोर्ट, जहरीले माहौल और POSH उल्लंघन का खुलासा

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को ‘यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम’ का पालन करने में कथित विफलता के लिए कड़ी फटकार लगाई।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सोमवार को टीसीएस के नासिक दफ्तर को लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां महिलाओं के लिए बेहद जहरीला और असुरक्षित कार्य वातावरण बना हुआ था। आयोग की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऑफिस में यौन उत्पीड़न, धार्मिक अपमान, मानसिक प्रताड़ना और डर का माहौल लगातार बना रहा। कई महिला कर्मचारी शिकायत तक नहीं कर सकीं क्योंकि वहां भरोसेमंद शिकायत तंत्र ही मौजूद नहीं था।

9 FIR दर्ज, कई आरोपी गिरफ्तार

मामले में अब तक कथित रेप, यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण से जुड़े 9 FIR दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी। हाल ही में आरोपी निदा खान को भी गिरफ्तार कर 24 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने की जांच

NCW ने बताया कि जांच समिति में बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस साधना जाधव, हरियाणा के पूर्व DGP बी.के. सिन्हा, सुप्रीम कोर्ट की वकील मोनिका अरोड़ा और NCW की वरिष्ठ समन्वयक लीलावती शामिल थीं। समिति ने 18 और 19 अप्रैल 2026 को नासिक जाकर पीड़ितों, TCS की POSH कमेटी, पुलिस अधिकारियों और अन्य गवाहों से बातचीत की। इसके बाद 50 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई।

हिंदू धर्म के खिलाफ टिप्पणियों का भी आरोप

रिपोर्ट में दावा किया गया कि आरोपी महिलाओं के सामने हिंदू धर्म को नीचा दिखाने वाली टिप्पणियां करते थे और धार्मिक दबाव का माहौल बनाते थे। आयोग के अनुसार, खासकर Gen Z वर्ग की महिला कर्मचारी इस तरह की मानसिक और धार्मिक प्रताड़ना से अधिक प्रभावित हुईं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऑफिस में लगातार स्टॉकिंग, बुलिंग और अपमानजनक व्यवहार होता था, जिससे महिलाएं मानसिक रूप से टूट रही थीं।

एचआर पर भी गंभीर सवाल

NCW ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार आरोपी दानिश शेख, तौसीफ अख्तर और रजा मेमन का ऑफिस पर प्रभावी नियंत्रण था और उन्हें कंपनी की HR हेड और ऑपरेशन मैनेजर अश्विनी चैनानी का संरक्षण प्राप्त था। रिपोर्ट में कहा गया कि कर्मचारियों में इतना डर था कि कोई आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। जो कर्मचारी विरोध करते थे, उन्हें ट्रांसफर और नौकरी खत्म होने का डर दिखाया जाता था।

NCW की 25 सिफारिशें

आयोग ने अपनी रिपोर्ट में POSH कानून के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई, मजबूत HR और शिकायत निवारण प्रणाली, पीड़ित कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा, गवाहों की सुरक्षा और कार्यस्थल की नियमित निगरानी जैसी 25 सिफारिशें दी हैं। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत अतिरिक्त आरोप जोड़ने की भी सिफारिश की गई है।