इस नियमावली के तहत उद्यमी अब प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में 100 वर्गमीटर तक के आवासीय व 30 वर्गमीटर के कॉमर्शियल भूखड़ों पर नक्शा पास होने से पहले ही निर्माण शुरू कर सकेंगे
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में अब महज एक रूपये के सांकेतिक शुल्क पर निर्माण शुरू किया जा सकेगा। उद्यमियों को बड़ी राहत देते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार यूनिफाइड मॉडल भवन विनियम लागू करने की तैयारी कर रही है।
इस नियमावली के तहत उद्यमी अब प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में 100 वर्गमीटर तक के आवासीय व 30 वर्गमीटर के कॉमर्शियल भूखड़ों पर नक्शा पास होने से पहले ही निर्माण शुरू कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें बस एक रूपये का शुल्क जमाकर ऑनलाइन पंजीकरण व स्व-प्रमाणीकरण कराना होगा। विनियम के आधार पर न केवल सड़कों की चौड़ाई के आधआर पर फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) बढ़ेगा बल्कि ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर पोडियम पार्किंग बनाने की की भी अनुमति मिल सकेगी।
शहरों में 12 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर कॉमर्शियल भवन बनाने की इजाजत मिल सकेगी जबकि 300 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर मल्टी यूनिट बनाए जा सकेंगे। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यीडा, गीडा, यूपीसीडा और यूपीडा के लिए बनाए गए यूनिफाईड मॉडल भवन विनियम से मैन्यूफेक्चरिंग, पर्यटन, आईटी आदि अन्य क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
प्रस्तावित यूनिफाईड मॉडल भवन विनियम-2026 को जल्द ही मंत्री परिषद के समक्ष भेजा जाएगा। इसकी संस्तुति के बाद भवन निर्माण उपविधि को लागू किया जाएगा। औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि मॉडल भवन विनियम-2026 प्रदेश में निवेश, रोजगार व आधारभूत संरचना विकास को दिशा दे सकेगा।
