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जो सुन रहे हम आज,ये छटपटाहट है।हमारे जगने से बेचैनी हैये उसीकी आहट है.. विक्रम सिंह “विक्रम”की बेहतरीन राष्ट्रवादी कविता का आन्नद ले

जो सुन रहे हम आज, ये छटपटाहट है। हमारे जगने से बेचैनी है ये उसीकी आहट है।। शुर में  मिलते न शुर, उसीकी बौखलाहट है। ये छटपटाहट है।। यकीन था सोते रहेंगें, जागे तो घबराहट है। ये छटपटाहट है।। सच्चाई समझ में आई, उसीकी कुलबुलाहट है। ये छटपटाहट है।। आंखें चौधिया रही अब, हमारी जगमगाहट…

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श्राद्ध–पितर होने के लिए पुण्यो की पर्वत जैसी ऊंचाई चाहिए

श्राद्ध,,       एक मित्र कह रहे थे कि श्राद्ध में कौवे को खीर इसलिए खिलाई जाती है क्यूंकि यह उनका प्रजनन काल है,, वे पुष्ट हो सकें,,कोई प्रश्न उठाये कि कौवे को खीर क्यों खिलाते हैं तो उसमें इतना रक्षात्मक होने की क्या आन पड़ी है,, अरे खिलाते हैं, हमारी खीर हमारा कोवा…

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महान व्रत जीवात्पुत्रिका या जिउतिया महापर्व

जीवत्पुत्रिका व्रत      जीवत्पुत्रिका या जिउतिया व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है इसमें माताएं अपने संतान के लिए दिनभर रात भर निर्जला अर्थात बिना पानी पिए रहती है और इस प्रकार यह छठ पूजा या करवा चौथ के समान बेहद कठिन व्रत है        कब मनाया जाता है…

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कृष्ण के राष्ट्र-नायक स्वरूप और राष्ट्र-निर्माण की रचना प्रक्रिया को समझना होगा….

!कर्षति आकर्षति इति कृष्णः!!     कृष्ण के अनंत स्वरूप हैं। अपनी-अपनी मूल प्रकृति के अनुसार भारत की हर भाषा, हर बोली, हर  सांस्कृतिक-समूह, हर उपासना पद्धति, हर प्रान्त-जनपद ने कृष्ण को बारम्बार सुमिरा है। हर दर्शन परम्परा, हर एक आयातित निर्यातित विचारधारा ने कृष्ण को येन केन प्रकारेण भजा है। अद्वैत, द्वैत, द्वैताद्वैत हो…

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पुण्य तिथि -रामकृष्ण परमहंस की महासमाधि

पुण्य-तिथि रामकृष्ण परमहंस की महासमाधि     श्री रामकृष्ण परमहंस का जन्म फागुन शुक्ल 2, विक्रमी सम्वत् 1893 (18 फरवरी, 1836) को कोलकाता के समीप ग्राम कामारपुकुर में हुआ था। पिता श्री खुदीराम चट्टोपाध्याय एवं माता श्रीमती चन्द्रादेवी ने अपने पुत्र का नाम गदाधर रखा था। सब उन्हें स्नेहवश गदाई भी कहते थे।      बचपन…

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बलिदान-दिवस सर्वस्व बलिदानी दम्पति : फुलेना बाबू व तारा रानी

16 अगस्त/बलिदान-दिवस सर्वस्व बलिदानी दम्पति  : फुलेना बाबू व तारा रानी स्वाधीनता संग्राम में देश के हर भाग से लोगों ने प्राणाहुति दी। सिवान, बिहार के फुलेना बाबू तथा उनकी पत्नी श्रीमती तारा रानी ने इस यज्ञ में अपना पूरा परिवार अर्पण कर अपना नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित कराया है। अगस्त 1942 में ‘भारत छोड़ो…

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सबसे पहले राखी किसने बांधी थी? जानें कैसे हुई रक्षाबंधन मनाने की शुरुआत

रक्षा बंधन को आम भाषा में राखी के नाम से भी जाना जाता है. यह एक पारंपरिक हिंदू त्योहार है, जो भारत में बहुत महत्व रखता है. यह त्योहार भाइयों और बहनों के बीच के बंधन का प्रतीक माना जाता है. “रक्षा बंधन” शब्द का अर्थ ही “सुरक्षा का बंधन” है. रक्षाबंधन हिंदू धर्म के…

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किस दिन मनाया जाएगा रक्षाबंधन? जानिए तिथि, भद्राकाल का समय और शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन भाई-बहनों के अटूट संबंध का त्योहार है। ये त्योहार हर साल श्रावण मास के पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई के कलाई पर राखी बांधकर उनकी रक्षा का वचन लेती हैं, साथ ही भाई अपनी बहनों की रक्षा और जीवनभर साथ देने का वचन देते हैं।     रक्षा बंधन…

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भारत के राष्ट्रपति का न्यूज़ीलैंड से विश्व को संदेश- शिक्षा में सामाजिक परिवर्तन व राष्ट्र निर्माण की अद्भुत शक्ति

         न्यूजीलैंड अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन में भारत को सम्मानित देश चुना गया! वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा क्षमता को बढ़ावा, बहू विषयक शिक्षा से शिक्षण परिदृश्य में व्यापक बदलाव लाना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य है! वैश्विक स्तर पर भारत कुछ वर्षों से जिस तरह दुनियां के परिदृश्य में तीव्र गति से…

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