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साम्भर मसाला बनाने का सबसे सरल तरीका 

सामग्री: – 2 बड़े चम्मच धनिया दाना – 1 बड़ा चम्मच जीरा – 1बड़ा चम्मच सौंफ – 1 बड़ा चम्मच मेथी दाना – 1/2 बड़ा चम्मच अजवायन – 1/2 बड़ा चम्मच काली मिर्च – 1/2 बड़ा चम्मच जायफल पाउडर – 1/2 बड़ा चम्मच दालचीनी पाउडर – 1/2 बड़ा चम्मच लौंग पाउडर – 1 चम्मच सरसों…

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जन्म दिवस विशेष:बिना तार के ‘तार’ के अविष्कारक,पौधों में जान होती के शोधक,विज्ञान की अमर विभूति जगदीश चंद्र बसु

30 नवम्बर/जन्मदिन जगदीश चंद्र बसु        विज्ञान की अमर विभूति जगदीश चंद्र बसु का जन्म 30 नवंबर, 1858 को बिक्रमपुर हुआ था, जो अब ढाका , बांग्लादेश का हिस्सा है । आपके पिता श्री भगवान सिंह बसु डिप्टी कलेक्टर थे। पेङ-पौधों के बारे में जब उनके सवालों का उत्तर बचपन में स्पष्ट नही…

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हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुइज्म, क्या मानते हैं नेता, वेद, पुराणों में नहीं है जिक्र?

                                           हिमालयात् समारभ्य यावत् इन्दु सरोवरम्।                                                तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थानं प्रचक्षते॥ अर्थात…

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पराक्रम, न्याय और धर्म की प्रतीक राजमाता अहिल्या बाई होल्कर

अहिल्याबाई होल्कर, भारतीय इतिहास में एक ऐसी महान महिला शासक रही हैं, जिन्होंने अपने अद्वितीय प्रशासनिक कौशल, धार्मिक निष्ठा और जनकल्याणकारी कार्यों से एक मिसाल कायम की। उनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी नामक गाँव में हुआ था। उनके पिता मानकोजी शिंदे एक ग्राम प्रधान थे, और उनका परिवार सामान्य लेकिन धार्मिक…

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भईया दूज विशेष :भईया दूज का महत्व समाप्त करने की कुचेष्टा से ही रक्षाबंधन को भाई-बहन का उत्सव बनाने का षड्यंत्र रचा गया

भाई-बहन का असली उत्सव भ्रातृ द्वितीया अर्थात् भईया दूज की हार्दिक शुभकामनाएँ। भईया दूज का महत्व समाप्त करने की कुचेष्टा से ही रक्षाबंधन को भाई-बहन का उत्सव बनाने का षड्यंत्र रचा गया। रक्षाबंधन में तो पुरोहित द्वारा समाज के लोगों को रक्षासूत्र बांधने का विधान है। अकबर-कर्णावती के भाई-बहन का झूठा आख्यान सुनाकर इसे भाई-बहन…

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शिक्षा और सशक्तिकरण का महत्व………

    यह कहानी उन सभी बेटियों के लिए एक प्रेरणा है जो जिंदगी में किसी भी तरह की मुश्किलों का सामना कर सकती हैं। बेटियों को अच्छी शिक्षा और परवरिश देना बेहद जरूरी है, ताकि अगर कभी उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़े, तो वे खुद वज़ीर बनकर अपने और अपने परिवार के…

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जो सुन रहे हम आज,ये छटपटाहट है।हमारे जगने से बेचैनी हैये उसीकी आहट है.. विक्रम सिंह “विक्रम”की बेहतरीन राष्ट्रवादी कविता का आन्नद ले

जो सुन रहे हम आज, ये छटपटाहट है। हमारे जगने से बेचैनी है ये उसीकी आहट है।। शुर में  मिलते न शुर, उसीकी बौखलाहट है। ये छटपटाहट है।। यकीन था सोते रहेंगें, जागे तो घबराहट है। ये छटपटाहट है।। सच्चाई समझ में आई, उसीकी कुलबुलाहट है। ये छटपटाहट है।। आंखें चौधिया रही अब, हमारी जगमगाहट…

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श्राद्ध–पितर होने के लिए पुण्यो की पर्वत जैसी ऊंचाई चाहिए

श्राद्ध,,       एक मित्र कह रहे थे कि श्राद्ध में कौवे को खीर इसलिए खिलाई जाती है क्यूंकि यह उनका प्रजनन काल है,, वे पुष्ट हो सकें,,कोई प्रश्न उठाये कि कौवे को खीर क्यों खिलाते हैं तो उसमें इतना रक्षात्मक होने की क्या आन पड़ी है,, अरे खिलाते हैं, हमारी खीर हमारा कोवा…

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महान व्रत जीवात्पुत्रिका या जिउतिया महापर्व

जीवत्पुत्रिका व्रत      जीवत्पुत्रिका या जिउतिया व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है इसमें माताएं अपने संतान के लिए दिनभर रात भर निर्जला अर्थात बिना पानी पिए रहती है और इस प्रकार यह छठ पूजा या करवा चौथ के समान बेहद कठिन व्रत है        कब मनाया जाता है…

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