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कितना बड़ा मजाक किया गया भारत वर्ष के इतिहास के साथ….

      एक बार मेरा मित्र अपने दोस्तों के साथ हिमाचल के पालमपुर से होकर ट्रेकिंग पर जा रहे थे, मार्ग में माँ भगवती ज्वाला जी का प्रसिद्ध मंदिर आता है, जोकि कांगड़ा नगर से 30 किलो मीटर दूर एक नदी के तट पर है। हमने सोचा चलो माँ भगवती के दर्शन करते हुए…

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विशेष:हिन्दू धर्म क्यों बचना चाहिए?कौन उन परंपराओं का रक्षण करेगा जो हमारे महान पूर्वजों की है?

     इसलिए क्योंकि अगर ये बचेगा तो उसके साथ बचेगी ‘प्रकृति‘, उसके साथ बचेगा अरण्य, उसके साथ बचेंगे ईश्वर की बनाई हुई सारी कृतियाँ जो जीव-जंतु-जलचर, नभचर के रूप में हमारे चारों ओर हैं।    प्रश्न है इस हिन्दू धर्म को बचाएगा कौन? कौन इस हिन्दू धर्म के शाश्वत मूल्यों के साथ जियेगा? कौन…

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नरपिशाच…और नालन्दा विश्वविद्यालय 

      तुर्की का सैन्य कमांडर बख्तियार खिलजी गंभीर रूप से बीमार पड़ गया। सारे हकीम हार गए परंतु बीमारी का पता नहीं चल पाया। खिलजी दिनों दिन कमजोर पड़ता गया और उसने बिस्तर पकड़ लिया। उसे लगा कि अब उसके आखिरी दिन आ गए हैं।       एक दिन उससे मिलने आए…

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कौन थे राजा वीर विक्रमादित्य….. ??जिन्होंने भारत को सोने की चिड़िया बनाया

   बड़े ही शर्म की बात है कि महाराजा विक्रमादित्य  के बारे में देश को लगभग शून्य बराबर ज्ञान है, जिन्होंने भारत को सोने की चिड़िया बनाया था, और स्वर्णिम काल लाया था उज्जैन के राजा थे गन्धर्वसैन , जिनके तीन संताने थी , सबसे बड़ी लड़की थी मैनावती , उससे छोटा लड़का भृतहरि और…

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विवाह की बढ़ती उम्र पर खामोशी क्यों…?

      28-32 साल की युवक युवतियां बैठे है कुंवारे, फिर मौन क्यों हैं समाज के कर्ता-धर्ता        कुंवारे बैठे लड़के लड़कियों की एक गंभीर समस्या आज सामान्य रुप से सभी समाजों में उभर के सामने आ रही है। इसमें उम्र  तो एक कारण है ही मगर समस्या अब इससे भी कहीं…

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जन्म दिवस विशेष-देश और धर्म की रक्षा के लिए जिसने अपना सर्वश्व दान कर दिया:अनुपम दानी भामाशाह

28 जून/जन्म-दिवस जन्म दिवस विशेष -अनुपम दानी : भामाशाह      दान की चर्चा होते ही भामाशाह का नाम स्वयं ही मुँह पर आ जाता है। देश रक्षा के लिए महाराणा प्रताप के चरणों में अपनी सब जमा पूँजी अर्पित करने वाले दानवीर भामाशाह का जन्म अलवर (राजस्थान) में 28 जून, 1547 को हुआ था। उनके…

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वंदेभारत :;इतिहास के पन्नों में कहाँ हैं ये नाम??

    सेठ रामदास जी गुड़वाले – 1857 के महान क्रांतिकारी, दानवीर जिन्हें फांसी पर चढ़ाने से पहले अंग्रेजों ने उनपर शिकारी कुत्ते छोड़े जिन्होंने जीवित ही उनके शरीर को नोच खाया। सेठ रामदास जी गुडवाला दिल्ली के अरबपति सेठ और बेंकर थे.  इनका जन्म दिल्ली में एक अग्रवाल परिवार में हुआ था. इनके परिवार…

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“सेंधा” नमक के साथ इन अंग्रेजो ने कैसे किया था खिलवाड़ ……..

      भारत से कैसे गायब कर दिया गया… आप सोच रहे होंगे की ये सेंधा नमक बनता कैसे है ?? आइये आज हम आपको बताते है कि नमक मुख्यत: कितने प्रकार का होता है। एक होता है समुद्री नमक, दूसरा होता है सेंधा नमक “rock salt”सेंधा नमक बनता नहीं है पहले से ही…

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बलिदान दिवस विशेष:महासमर के योद्धा बाबासाहब नरगुन्दकर

12 जून/बलिदान-दिवस महासमर के योद्धा बाबासाहब नरगुन्दकर      भारत माँ को दासता की शृंखला से मुक्त कराने के लिए 1857 में हुए महासमर के सैकड़ों ऐसे ज्ञात और अज्ञात योद्धा हैं, जिन्होंने अपने शौर्य,पराक्रम और उत्कट देशभक्ति से ने केवल उस संघर्ष को ऊर्जा दी, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए भी वे प्रेरणास्पद बन…

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काकोरी कांड के नायक  : पंडित रामप्रसाद बिस्मिल

ग्वालियर। काकोरी ट्रेन डकैती के लिए रामप्रसाद बिस्मिल ने हथियार ग्वालियर से खरीदे थे। हथियार शाहजहांपुर तक लाने के लिए बिस्मिल ग्वालियर से अपनी बहन शास्त्री देवी के कपड़ों में छिपा कर शाहजहांपुर तक लाए थे। हथियार खरीदने के लिए धन बिस्मिल ने अपनी मां मूलवती देवी से उधार लिया था। इसका उल्लेख बिस्मिल ने अपनी…

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