Headlines

शेषनाग और पृथ्वी: वैदिक विज्ञान की गहनता

शेषनाग का वैज्ञानिक अर्थ:     संस्कृत में “शेष” का अर्थ है अंतरिक्ष, अर्थात् वह जो पृथ्वी से परे है। “नाग” का तात्पर्य गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी) और चुंबकीय बलों (मैग्नेटिक फोर्स) के संयुक्त प्रभाव से है। इस प्रकार, “शेषनाग पर टिकी पृथ्वी” का अर्थ है कि पृथ्वी अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण और चुंबकीय बलों के कारण संतुलित…

Read Full News

इमरजेंसी विशेष :फतेहगढ जेल की रात ऐसे गुजरती थी मेरी..

पहले बताये थे कि 1975 जनवरी से 27 जून तक हम इसी जेल में  अकेले  भी थे और तनहाई में रखे गए थे। तन्हाई का मतलब समझिए पहले।  मतलब पूरी बैरक में हमको अकेले रखा गया – लेकिन निगरानी के लिए दो पीली वर्दी वाले पक्का भी थे। (पक्का मतलब आजीवन जेल सजा पाया शातिर…

Read Full News

भगवान बुद्ध और बुद्ध पूर्णिमा

       भगवान बुद्ध मानवता के सर्वोच्च प्रतिमान बन चुके हैं भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण, को छोड़कर संपूर्ण संसार में इतना लोकप्रिय कोई नहीं हुआ जितना भगवान बुद्ध है सच्चे अर्थों में उन्हें विश्व का, और ज्ञान का प्रकाश स्तंभ कहा जा सकता है कम से कम 50 देश में भगवान…

Read Full News

क्या महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक नींद की होती है जरूरत?

    क्या आप जानते हैं महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले अधिक नींद की जरुरत होती है और ऐसा कई फैक्टर की वजह से हो सकता है। आइए जानते हैं आखिर इसके पीछे क्या वजह है। नींद एक ऐसा फैक्टर है, जो स्वस्थ शरीर के लिए बेहद जरूरी है। यह केवल आपके शरीर और ब्रेन…

Read Full News

इतिहास-स्मृति…..चिपको आन्दोलन और गौरादेवी

26 मार्च/इतिहास-स्मृति चिपको आन्दोलन और गौरादेवी  आज पूरी दुनिया लगातार बढ़ रही वैश्विक गर्मी से चिन्तित है। पर्यावरण असंतुलन, कट रहे पेड़, बढ़ रहे सीमेंट और कंक्रीट के जंगल, बढ़ते वाहन, ए.सी, फ्रिज, सिकुड़ते ग्लेशियर तथा भोगवादी पश्चिमी जीवन शैली इसका प्रमुख कारण है। हरे पेड़ों को काटने के विरोध में सबसे पहला आंदोलन पांच…

Read Full News

इतिहास-स्मृति……चिपको आन्दोलन और गौरादेवी 

26 मार्च/इतिहास-स्मृति चिपको आन्दोलन और गौरादेवी     आज पूरी दुनिया लगातार बढ़ रही वैश्विक गर्मी से चिन्तित है। पर्यावरण असंतुलन, कट रहे पेड़, बढ़ रहे सीमेंट और कंक्रीट के जंगल, बढ़ते वाहन, ए.सी, फ्रिज, सिकुड़ते ग्लेशियर तथा भोगवादी पश्चिमी जीवन शैली इसका प्रमुख कारण है।    हरे पेड़ों को काटने के विरोध में सबसे पहला…

Read Full News

जन्मदिन विशेष -कोमल भावनाओं की संवाहक,नारी चेतना का स्वर : महादेवी वर्मा

26 मार्च/जन्मदिन नारी चेतना का स्वर : महादेवी वर्मा महान कवियत्री महादेवी वर्मा का जन्म ऐसे समय में हुआ, जब साहित्य सष्जन के क्षेत्र में पुरुष वर्ग का वर्चस्व था; पर महादेवी ने केवल साहित्य ही नहीं, तो सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में अपनी सषक्त उपस्थिति से समस्त नारी वर्ग का मस्तक गर्व से उन्नत…

Read Full News

जन्म-दिवस विशेष -विश्वविख्यात खगोलशास्त्री आर्यभट्ट

21 मार्च/जन्म-दिवस विश्वविख्यात खगोलशास्त्री आर्यभट खगोलशास्त्र का अर्थ है ग्रह, नक्षत्रों की स्थिति एवं गति के आधार पर पचांग का निर्माण, जिससे शुभ कार्यों के लिए उचित मुहूर्त निकाला जा सके। इस क्षेत्र में भारत का लोहा दुनिया को मनवाने वाले वैज्ञानिक आर्यभट के समय में अंग्रेजी तिथियाँ प्रचलित नहीं थीं।       अपने एक…

Read Full News

कांशीराम की जंयती पर मायावती ने दी श्रद्धांजलि,बोलीं- सत्ता की चाबी हासिल करना जरूरी

  बसपा सुप्रमो मायावती ने जंयती पर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने खुद को ‘आयरन लेडी’ बताया। कहा कि अब बहुजन समाज को सत्ता की चाबी हासिल करना जरूरी हो गया है।  यूपी का राजधानी लखनऊ में शनिवार को कांशीराम की जयंती मनाई गई। बसपा प्रमुख मायावती ने कांशीराम की 91वीं…

Read Full News

बलूचिस्तान:जिन्ना और अंग्रेजों के धोखे से नहीं बन सका अलग देश, वर्षों से जारी संघर्ष की क्या है वजह?

     बलूचिस्तान दुनिया के नक्शे पर कहां है? इसका इतिहास क्या है? आजादी से पहले भारत का हिस्सा रहे इस प्रांत के पाकिस्तान में जाने की कहानी क्या है? जिन्ना और ब्रिटिश सरकार के किस धोखे से बलूचिस्तान को पाकिस्तान में शामिल होना पड़ा? आइये जानते हैं… पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित बोलान के…

Read Full News