Headlines

राशिफल,9 मई 2024: मिथुन, तुला, धनु राशि वालों को मिलेंगे लाभ के कई अवसर,अन्य राशियों पर क्या होगा प्रभाव बता रहे है ज्योतिषविद रामाज्ञा दुबे

आज का राशिफल 9 मई दिन गुरुवार को चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे, जहां पहले से गुरु ग्रह विराजमान रहने वाले हैं। चंद्रमा उच्च राशि में होने की वजह से शशि योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही आज शोभन योग और कृतिका नक्षत्र का प्रभाव बना रहेगा। ग्रह-नक्षत्रों के इस…

Read Full News

काबा:यह क्षेत्र तो हिंसा से रहित है, क्योंकि यहां वेदो का कानून चलता है…एक अनूठी जानकारी के लिए एक बार अवश्य पढ़े

काबा में आज भी चलता है वेदो का कानून      काबा जो बैलुल्लाह यानी अल्लाह का घर माना जाता है, उसका अति प्राचीन नाम मक्ख मेदिनी है और मक्ख मेदिनी का मतलब होता है यज्ञभूमि।       मक्का का काबा मंदिर वास्तव में काव्य शुक्र का मंदिर है।     काबा काव्य का…

Read Full News

पुराने जमाने में एक राजा हुए थे, भर्तृहरि ,वे कवि भी थे…….उन्होंने वैराग्य पर 100 श्लोक लिखे

पुराने जमाने में एक राजा हुए थे, भर्तृहरि। वे कवि भी थे। उनकी पत्नी अत्यंत रूपवती थीं। भर्तृहरि ने स्त्री के सौंदर्य और उसके बिना जीवन के सूनेपन पर 100 श्लोक लिखे, जो श्रृंगार शतक के नाम से प्रसिद्ध हैं।       उन्हीं के राज्य में एक ब्राह्मण भी रहता था, जिसने अपनी नि:स्वार्थ…

Read Full News

‘महल’ शब्द मुस्लिम शब्द नहीं है!अरब, ईरान, अफगानिस्तान आदि जगह पर एक भी ऐसी मस्जिद या कब्र नहीं है जिसके बाद महल लगाया गया हो..

इतिहास में पढ़ाया जाता है कि ताजमहल का निर्माण कार्य 1632 में शुरू और लगभग 1653 में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हुआ।     अब सोचिए कि जब मुमताज का इंतकाल 1631 में हुआ तो फिर कैसे उन्हें 1631 में ही ताजमहल में दफना दिया गया, जबकि ताजमहल तो 1632 में बनना शुरू हुआ था।…

Read Full News

1 मई/बलिदान दिवस:महान क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी……सादर नमन

      प्रफुल्ल का जन्म 10 दिसम्बर 1888 को उत्तरी बंगाल के बोगरा जिला (अब बांग्लादेश में स्थित) के बिहारी गाँव में हुआ था। जब प्रफुल्ल दो वर्ष के थे तभी उनके पिता जी का निधन हो गया। उनकी माता ने अत्यन्त कठिनाई से प्रफुल्ल का पालन-पोषण किया। विद्यार्थी जीवन में ही प्रफुल्ल का…

Read Full News

सोचकर ही अजीब लगता है कि  हम लोग अंग्रेजों के सैनिक बन कर,अपने ही लोगों पर अत्याचार करते थे बहुत सटीक व तार्किक विश्लेषण….

     कभी-कभी विचार आता है कि 1500 ई. के बाद के ब्रिटिश कितने साहसी और बुद्धिमान रहे होंगे, जिन्होंने   एक ठण्डे प्रदेश से निकलकर,  अनजान रास्ते और अनजान जगहों पर जाकर लोगों को गुलाम बनाया !अभी भी देखा जाए तो ब्रिटेन की जनसंख्या और क्षेत्रफल  गुजरात के बराबर है, लेकिन उन्होंने  दशकों नहीं शताब्दियों तक…

Read Full News

मृत्यु सांसारिक कठिनाइयों से मुक्ति पाने का साधन नहीं बननी चाहिए-वीर शहीद भगतसिंह

नवम्बर, 1930 में क्रांतिकारी भगतसिंह द्वारा लाहौर की सेंट्रल जेल से बटुकेश्वर दत्त को लिखा गया पत्र :-      प्यारे भाई, मुझे सज़ा सुना दी गई है और फांसी का आदेश हुआ है। इन कोठरियों में मेरे अलावा भी बहुत से कैदी हैं, ये लोग यही प्रार्थना कर रहे हैं कि किसी तरह फांसी…

Read Full News

अपराजेय योद्धा  बाजीराव बल्लाळ:एक ऐसा नाम जो चुभता है मुगलई इतिहासकारों को, चुभता है हिंदुत्व के विरुद्ध चाल कुचाल करने वाले अकादमिक एजेंडाबाजों को

   अपराजेय योद्धा  बाजीराव बल्लाळ को अधिकांश लोग मस्तानी से जोड़कर देखते हैं, यह हिंदू जाति के शौर्य को दलित दमित करने का रोमिलाई कुटिलता थी। इतिहास लिखते समय मैकाले के मानसपुत्रों ने अशोक और अकबर से भारत की पहचान जोड़ी। ऐसा इसलिए कि एक तो टॉक्सिक नव बौद्धों के जरिए जोशुआई विमर्श से मिले…

Read Full News

इतिहास के अनछुए पन्ने आखिर कौन थे ? सम्राट पृथ्वीराज चौहान

पुरा नाम :-          पृथ्वीराज चौहान अन्य नाम :-         राय पिथौरा माता/पिता :-       राजा सोमेश्वर चौहान/कमलादेवी पत्नी :-               संयोगिता जन्म :-               1149 ई. राज्याभिषेक :-     1169 ई. मृत्यु :-           …

Read Full News

इसलिए राष्ट्रभाषा को कदापि नाक का सवाल मत बनाइये….विक्रम सिंह”विक्रम” की राष्ट्रवादी कविता का आनंद लें

राष्ट्रीय प्रतीक,फल फूल,वृक्ष, पशु,पक्षी सब तो स्वीकार है। फिर राष्ट्रभाषा हिन्दी होने से, आजतक भी क्यों इनकार है।। भारतवर्ष में २२ भाषाओं को, राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। हिंदी ज्यादातर में प्रचलित है, ज्यादा जनसंख्या में व्याप्त है।। सभी क्षेत्रीय भाषायें सम्मानित है। सभी भाषाओं का सम्मान है। पर औषत संपर्क भाषा हिंदी है, हिंदी…

Read Full News