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हापुड़ की महमूदा खातून कैसे बनी रानी बेगम, UP SIR से खुल गया प्रधान अफसाना का खेल

    हापुड में अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला महमूदा खातून स्थानीय युवक से शादी कर ग्राम प्रधान के लेटर हेड के जरिए रानी बेगम के नाम से भारतीय नागरिकता हासिल कर ली।

हापुड़: हापुड़ में अवैध तरीके से रह रही बांग्लादेशी महमूदा खातून ने स्थानीय युवक मुहम्मद मशरूफ से शादी के बाद अपनी पहचान बदलकर भारतीय दस्तावेज हासिल कर लिए। मामला तब उजागर हुआ जब SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों की जांच में हकीकत सामने आईं।

सूत्रों के अनुसार, महमूदा खातून ने गांव में रानी बेगम नाम से खुद को स्थानीय निवासी दर्शाया। आरोप है कि ग्राम प्रधान अफसाना की ओर से रानी बेगम के नाम पर मूल निवास प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। इसी आधार पर आगे आधार कार्ड और वोटर आईडी भी बन गई। दस्तावेजों की कड़ी जुड़ती गई और कथित तौर पर एक विदेशी महिला की पहचान भारतीय नागरिक के रूप में दर्ज हो गई।

SIR के दौरान जब मतदाता सूची का सत्यापन शुरू हुआ, तो नाम, जन्मतिथि और पारिवारिक विवरण में दस्तावेजों को मिलान नहीं हो पाया। जांच में सामने आया कि महिला की पृष्ठभूमि संदिग्ध है और उसके बांग्लादेश से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इसके बाद प्रशासनिक विभाग में हड़कंप मच गया।

जानकारी मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। संबंधित दस्तावेजों मूल निवास प्रमाणपत्र, आधार और वोटर आईडी की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। यह भी जांच का विषय है कि दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया में लापरवाही हुई या जानबूझकर नियमों की अनदेखी की गई। साथ में ये भी पता लगाया जा रहा कि फर्जी दस्तावेज कहा से बनाए गए है।

वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस रिकॉर्ड, ग्राम पंचायत अभिलेख और पहचान संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से छानबीन कर रही है।