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मिथ‍िला एक्‍सप्रेस में आग लगी नहीं लगाने की कोश‍िश हुई, गोधरा दोहराने की साज‍िश तो नहीं

   हावड़ा स्टेशन पर मिथिला एक्सप्रेस में आग लगने की घटना अब एक बड़े सुरक्षा अलर्ट में बदल गई है. रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को आग जैसी स्थिति पैदा करते हुए देखा गया है, जिससे यह आशंका गहराई है कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है. पेट्रोल में भीगा कपड़ा मिलने और पीक आवर्स में हुई घटना ने जांच को और गंभीर बना दिया है.

मिथ‍िला एक्‍सप्रेस में क्‍या आग लगाने की साज‍िश हुई? क्‍या क‍िसी ने गुजरात के गोधरा जैसा कांड करने का प्‍लान रचा था? क्‍योंक‍ि हावड़ा स्टेशन पर खड़ी मिथिला एक्सप्रेस में आग लगने पर रेलवे ने जो खुलासा क‍िया है, वह खौफनाक है. रेल मंत्रालय के अनुसार, यह सिर्फ आग लगने की घटना नहीं बल्कि एक संभावित साजिश भी हो सकती है, क्योंकि जांच के दौरान पेट्रोल में भीगा हुआ आधा जला कपड़ा बरामद हुआ है. इससे यह आशंका जताई जा रही है कि ट्रेन को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी. एक सीसीटीवी फुटेज भी एजेंस‍ियों को म‍िला है, जिसमें एक शख्‍स नजर आ रहा है और वह काफी संद‍िग्‍ध है.

    रेलवे मंत्रालय ने कहा कि हावड़ा स्टेशन पर खड़ी मिथिला एक्सप्रेस के एक कोच में धुआं और आग की सूचना मिलते ही तत्काल जांच शुरू की गई. प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद गंभीर हैं. मंत्रालय के मुताबिक, ट्रेन के बाथरूम क्षेत्र से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा मिला है, जो आधा जला हुआ था. इससे यह संकेत मिलता है कि आग किसी तकनीकी खराबी से नहीं बल्कि बाहरी हस्तक्षेप से लगी या लगाने की कोशिश की गई.
CCTV फुटेज में द‍िखा ‘संद‍िग्‍ध’
    सुरक्षा एजेंसियों और आरपीएफ ने हावड़ा स्टेशन के कैब रोड क्षेत्र के पास एक बेहद संदिग्ध गतिविधि सीसीटीवी में कैद होने के बाद बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी है. फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को जानबूझकर एक कवर या वस्तु फेंकते हुए देखा गया है, जिसके तुरंत बाद आग और धुएं जैसी स्थिति पैदा हो जाती है. यह घटना पीक यात्री समय के दौरान की गई थी, जिससे अधिकतम अफरा-तफरी और दहशत फैल सके.
यह चिंताजनक घटना हाल ही में जारी उन चेतावनियों और खुफिया रिपोर्टों के बाद सामने आई है, जिनमें कहा गया था कि रेलवे को सुनियोजित साजिशों के तहत सॉफ्ट टारगेट के रूप में निशाना बनाया जा रहा है. यह घटना मिथिला एक्सप्रेस के डिब्बे में आग लगने की सूचना से ठीक पहले हुई बताई जा रही है. धिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल रेलवे संचालन को बाधित करने के लिए नहीं, बल्कि हजारों यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा करने के लिए की गई थी. फिलहाल इस वीडियो में दिखे संदिग्ध की पहचान करने और इस समन्वित प्रयास के पीछे मौजूद बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है. देश के सभी प्रमुख रेलवे टर्मिनलों पर हाई अलर्ट प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं.
प्‍लेटफार्म नंबर 8 पर हुआ क्‍या?
घटना दोपहर उस समय की है जब मिथिला एक्सप्रेस हावड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर खड़ी थी. यात्रियों ने कोच के पिछले हिस्से से धुआं उठते देखा और तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दी. सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई. रेलवे कर्मचारियों ने दो फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से करीब 7 मिनट के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
आग पर काबू न पाते तो हालात गंभीर होते
रेलवे के अनुसार, अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी. कोच में मौजूद यात्रियों और रेलवे संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका थी. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद प्रभावित कोच को अलग करने का मेमो जारी किया गया और तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई. शाम 4:18 बजे कोच को अलग किया गया ताकि आगे की जांच में कोई बाधा न आए
रेल मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी कहा कि शुरुआती परिस्थितियां इस ओर इशारा कर रही हैं कि कुछ असामाजिक तत्व रेलवे सिस्टम में डर और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं यात्री सुरक्षा को सीधे तौर पर चुनौती देती हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है. बयान में कहा गया है कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं.
खंगाली जा रहीं सीसीटीवी फुटेज
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं. स्टेशन परिसर और ट्रेन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा सके. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है, चाहे वह तकनीकी खराबी हो, लापरवाही हो या फिर किसी तरह की साजिश.