हनुमानगढ़ी महंत राजू दास ने हिजाब पर बैन लगाने की मांग की है। उन्होंने इस बीच बिहार सीएम नीतीश कुमार का खुलकर समर्थन भी किया। साथ ही कहा कि उन्हें हिजाब हटवाकर नियुक्ति पत्र देना चाहिए था।
बहराइच: एक महिला के चेहरे से नकाब (बुर्का या हिजाब) खिंचने को लेकर बिहार सीएम नीतीश कुमार चर्चा में आ गए। इसके बाद देश भर में हिजाब और बुर्का को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस पर अयोध्या के हनुमानगढ़ी महंत राजू दास ने हिजाब विवाद पर खुलकर बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का समर्थन किया। साथ ही कहा कि शौक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
महंज राजू दास हिंदू सेवा सुरक्षा संघ की एक बैठक में शामिल होने के लिए बहराइच पहुंचे। हिंदू सेवा सुरक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत राजू दास ने कहा कि यह देश सेकुलर है, तो क्या यही सेक्युलरिज्म का पैमाना है, एक धर्म को पूरा उन्हीं के अनुरूप कर दो और दूसरे से कोई मतलब ही नहीं है। दूसरे धर्म का तिलक हटा दे रहे हो अगर हम लोग अपने बच्चों को भगवा वस्त्र में कंठी माला पहना कर भेजे तो क्या होगा?
ड्रेस कोड है तो हिजाब क्यों
महंज राजू दास ने कहा कि स्कूल विद्या का मंदिर है, उसमें किसी प्रकार से भेद-भाव नहीं होना चाहिए। तत्काल स्कूलों से हिजाब हटना चाहिए। एक समान व्यवहार होना चाहिए। क्या राजा, क्या रंक, क्या फकीर। स्कूलों जब ड्रेस कोड है तो हिजाब क्यों? उन्होंने कहा कि हम इसकी मांग करते है कि शौक्षणिक संस्थानों में हिजाब बंद होना चाहिए।
हिजाब उतारकर नियुक्ति पत्र देना था
बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में उन्होंने कहा कि नीतीश जी ने सही किया। नीतीश कुमार जी को कहना चाहिए था कि हिजाब उतारो तब हम तुम्हें नियुक्ति पत्र देंगे।
