मुंबई के पवई इलाके में एक स्टूडियो के अंदर 17 बच्चों और दो व्यक्तियों को बंधक बनाने का आरोपी बंधकों को मुक्त कराने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस गोलीबारी में मारा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बच्चों को बंधक बनाने के आरोपी की पहचान रोहित आर्य के रूप में हुई।
मुंबई: मुंबई में एक बेहद फिल्मी अंदाज में घटना घटी। राज्य के अलग-अलग इलाकों से 17 बच्चों को एक वेब सीरीज की शूटिंग के लिए मुंबई के पवई स्थित आरए स्टूडियो में बुलाया गया था। रोहित आर्या नाम के एक शख्स ने इन बच्चों को बुलाया था। पिछले छह दिनों से यहां ऑडिशन का काम चल रहा था। आज सातवां दिन था। आज दोपहर बच्चे लंच के लिए बाहर नहीं आए, तो अभिभावक चिंतित हो गए। इसी बीच कुछ बच्चे स्टूडियो की खिड़की से मदद की गुहार लगाते दिखे। इसके बाद रोहित आर्या का एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में उसने कहा कि उसने बच्चों को बंधक बना लिया है। उसकी कुछ मांगें थीं। उसका वीडियो हवा की तरह वायरल हो गया। साथ ही घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने पहले की बातचीत
पुलिस ने आरोपी रोहित आर्या से बात करने की कोशिश की। उसे समझाने की कोशिश की गई। आरोपी ने कुल 17 बच्चों और एक बुजुर्ग महिला को बंधक बना लिया था। पुलिस को पता था कि कुछ भी हो सकता है। आरोपी ने वीडियो में स्टूडियो में आग लगाकर उसे जला देने की चेतावनी दी थी। इससे पुलिस भी घबरा गई। पुलिस ने बड़े धैर्य के साथ बच्चों को बचाने की कोशिश की।
अमोल वाघमारे ने आरोपी रोहित आर्या का एनकाउंटर किया
पुलिस इमारत के पिछले दरवाजे से अंदर घुसी। पुलिस बाथरूम से अंदर घुसी। इसी दौरान पुलिस और आरोपी रोहित आर्या आमने-सामने आ गए। आरोपी ने पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश की। जवाब में पुलिस ने भी आरोपी पर गोली चलाई। यह गोली आरोपी के सीने में बाईं ओर लगी। इसके बाद आरोपी जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस को घटनास्थल पर एक एयर गन और एक केमिकल मिला। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने सभी बच्चों को भी सुरक्षित बचा लिया। एएसआई अमोल वाघमारे ने आरोपी रोहित आर्या का एनकाउंटर किया।
