शहर के चौराहों पर अब पुलिस तुरंत मदद के लिए पहुंचेगी। पुलिस ने इमरजेंसी कॉल बॉक्स फिर से शुरू कर दिए हैं। अब किसी भी परेशानी में, एक बटन दबाते ही पुलिस सहायता मिलेगी। ये कॉल बॉक्स शहर के दस चौराहों पर लगाए गए हैं।
चौराहे पर आप के साथ कोई अपराधिक घटना हुई हो या फिर किसी परेशानी में फंसे हों तो एक बटन दबाते ही पुलिसकर्मी आपकी मदद करने पहुंचेंगे। पुलिस ने शहर के 10 चौराहों पर वर्षों से लगे इमरजेंसी कॉल बॉक्स एक्टिव कर दिए हैं। इसकी शुरुआत रविवार से की जाएगी।
सेफ सिटी के तहत वर्ष 2021 से 2023 के बीच शहर के कई चौराहों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए थे। टेक्निकल फॉल्ट की वजह से ये बाक्स एक्टिव नहीं हो पा रहे थे। डीसीपी क्राइम ब्रांच कमलेश दीक्षित ने बताया कि इमरजेंसी कॉल बॉक्स की फॉल्ट को दूर कर अब इन्हें एक्टिव किया जा रहा है। यह व्यवस्था 24 घंटे एक्टिव रहेगी। इन बॉक्सों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग आईटीएमएस ऑफिस से की जाएगी।
कुछ ही देर में पहुंचेगी पुलिस
उन्होंने बताया कि यदि किसी के साथ आपराधिक घटना या किसी विपत्ति में फंसता है तो वह बॉक्स में लगे बटन को दबा सकता है। बटन दबते ही सूचना ऑनलाइन आईटीएमएस पहुंचेगी। आईटीएमएस में बैठा पुलिसकर्मी चौराहा चिह्नित कर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देगा। पुलिस कंट्रोल रूम से चौराहे पर तैनात पुलिस और ट्रैफिककर्मियों को सूचित किया जाएगा। कुछ ही देर में पुलिसकर्मी पीड़ित की मदद करने पहुंच जाएंगे।
उन्होंने बताया कि क्वीक रेस्पॉन्स के तहत इस व्यवस्था की नए तरीके से रविवार से शुरुआत की जा रही है। उन्होंने बताया कि शहर के 10 चौराहों पर लगे इमरजेंसी कॉल बॉक्स को एक्टिव किया जा रहा है। सफलता मिलने पर इन बॉक्सों को अन्य चौराहों पर भी लगाया जाएगा।
बॉक्स पर लगाए जाएंगे बोर्ड
डीसीपी ने बताया कि प्रचार प्रसार न होने की वजह से चौराहों पर लगे इमरजेंसी कॉल बॉक्स की लोगों को जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि बॉक्स पर बोर्ड लगाए जाएंगे, जिस पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स के फायदों और इस्तेमाल करने की जानकारी लिखी होगी।
दुरुपयोग करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
डीसीपी ने आशंका जताई है कि इमरजेंसी कॉल बॉक्स में लगे बटन का दुरुपयोग किया जा सकता है। कई लोग पुलिस एक्टिवनेस परखने के लिए बटन का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों से निपटने के लिए बॉक्सों को सीसीटीवी और आईटीएमएस कमरों की फुटेज की जद में लगाया जाएगा। फुटेज के जरिए बॉक्स का दुरुपयोग करने वालों का फेस आईडेंटिफिकेशन कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
