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अमेरिकन टैरिफ को लेकर भारत में विपक्षी इसलिए खुश हैं कि उन्हें लग रहा है कि मोदी जी फंस जाएंगे लेकिन….

अमेरिकन प्रेजिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प का टैरिफ: ने इस बार ग़लत आदमी से पंगा ले लिया है।

     टैरिफ को लेकर विपक्षी इसलिए खुश हैं  कि उन्हें लग रहा है कि मोदी जी फंस जाएंगे लेकिन मोदी सरकार टैरिफ मामले में रत्ती भर भी भाव नहीं दे रही है इसकी वजह ये हो सकती है कि भारत के पास इसका तोड़ और हल ज़रूर है और भारत अपनी हितों की रक्षा करेगा और झुकेगा नहीं।
  टैरिफ को लेकर भारत ने कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दिया  अमेरिकन प्रेजिडेंट को लगा था कि मोदी जी उसे फोन करेंगे और रिक्वेस्ट करेंगे।
फ़ोन और रिक्वेस्ट की छोड़िए मोदी जी ने कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दिया जैसे कि वो चाह रहे थे कि अमेरिका भारत पर टैरिफ लगाए।
यंहा तक कि विदेश मंत्री और वित्तमंत्री ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
      सिर्फ एकमात्र राहुल गांधी है जिसने टैरिफ को सीरियसली लिया है और भारत की इकानॉमी को डेड बता रहा है।
भूरेलाल ने इस बार ग़लत आदमी से पंगा ले लिया है अभी हाल ही में भारत ने ब्रिटेन से ट्रेड डील की है मिडिल ईस्ट के अलावा युरोप अफ्रीका सहित 26 देश भारत से फ्रीट्रेड डील करना चाहते हैं।
भारत इन देशों से डील करके अमेरिका को निर्यात होने वाला सारा माल इन देशों में डंप करके वंहा से अमेरिका भेजकर भूरेलाल के टैरिफ की धज्जियां बिखेर देगा।
     भारत से अमेरिका को निर्यात में बड़ा हिस्सा डायमंड का है जो लगभग 8.5 अरब डॉलर है और ये सारा धंधा गुजरातियों का है।
बिजनेस गुजरातियों के खून में है।
     लोचा लफड़ा और जलेबी फाफड़ा गुजरातियों के शौक़ हैं।
गुज्जू लोग इस टैरिफ के लफड़े की हवा निकाल देंगे उन्होंने अब तक तैयारी कर ली होगी रास्ते ढूंढ निकाले होंगे।
भारत अमेरिका को एक बड़ा हिस्सा मेडिकल सामग्री और दवाइयां निर्यात करता है।
दवाइयों के बिना तो वो खुद ही छटपटाएगा और मरेगा फिर भारत से ही लेगा और नहीं लेगा तो फिर लेगा किससे क्योंकि इतनी सप्लाई कोई और दे ही नहीं सकता।
  बाकी बचे टेक्स्टाइल कृषि उत्पाद और अन्य चीजें तो वो भारत इधर उधर एडजस्ट कर लेगा और कुछ चीजों पर सब्सिडी देकर एडजस्ट कर लेगा और भारत हमेशा के लिए डॉलर के झंझट से मुक्ति पा लेगा और दुनिया में किसी भी देश से अपनी शर्तों पर व्यापार करेगा और अपनी करेंसी में करेगा।
     भारत दुनिया का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश है दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है।  अमेरिका से आने वाले सामानों पर भारत भी टैरिफ लगा देगा जिससे भारत कमाई करेगा और अमेरिकी सामान मंहगे हो जाएंगे तो लोग कम खरीदेंगे और स्वदेशी उत्पाद ज्यादा खरीदेंगे जिससे स्वदेशी उद्योग धंधे तरक्की करेंगे भारत का पैसा भारत में ही रहेगा।तेल हमें सस्ते दामों में रूस से मिल ही रहा है बाकी खाड़ी देशों से तो आता ही है।
    भूरेलाल ने हवाई फायर मारा है कि पाकिस्तान में तेल का अकूत भंडार मिला है और कह रहा है कि हो सकता है एक दिन भारत को पाकिस्तान से तेल खरीदना पड़े।
इस तेल भंडार मिलने वाली बात कोरी  बकवास है भारत के एक बहुत बड़े पत्रकार ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा है कि भारत की ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तान में गहरे गड्ढे खोद दिए हैं भूरेलाल को उन्हीं गड्ढों में भंडार मिला है।
      भारत के पास हर बात के सैकड़ों विकल्प हैं.. लेकिन अमेरिका के पास सीमित हैं
भारत हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार है और अब भारत स्वयं स्वदेशी हथियारों को विकसित कर रहा है और आत्मनिर्भर बन रहा है।
     भारत ने अमेरिका को सबसे गहरी चोट तो F-35 ना खरीदकर ही दे दिया है वही F-35 वही कबाड़ है जो केरल में डेढ़ महीने पड़ा था और एक कल कैलिफोर्निया में स्वाहा हो गया और जिस दिन पलटकर टैरिफ लगाएगा और अमेरिकी आयात कम करेगा भूरेलाल के मुंह पर कालिख पुत जाएगी।
      अमेरिका के टैरिफ और प्रतिबंधों से भारत को घंटा फ़र्क नहीं पड़ता।
अटल बिहारी वाजपेई जी की सरकार में भी पोखरण परमाणु परीक्षण के बाद भी अमेरिका ने भारत पर दुनिया भर के प्रतिबंध लगाए थे लेकिन भारत झुका नहीं फिर मजबूर होकर सारे प्रतिबंध हटाए थे।
भारत वो भारत नहीं जो लिबिर लिबिर करता था भारत अब मोदी का नया भारत है।
अब भारत को चाहिए फुल इज्ज़त।
भारत अब आत्मनिर्भर है ये झुकेगा नहीं बल्कि झुकाएगा🙋