यूपी के मऊ जिले के एक विद्यालय में सहायक अध्यापक पर छात्रों के हाथ से कलावा कटवाने और माथे से तिलक मिटवाने का आरोप लगा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के एक कंपोजिट विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक ने छात्रों के साथ धार्मिक भेदभाव का पाठ पढ़ाने लगा। मामला घोसी कोतवाली थाना क्षेत्र के लाखीपुर कंपोजिट विद्यालय का है, जहां एक अध्यापक ने छात्रों के हाथ में कलावा और माथे पर तिलक लगाने का विरोध करता है। मामला बेसिक शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में आने के बाद शिक्षक को प्रारंभिक जांच में निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला छात्रों के कलावा और तिलक का
सरकारी कंपोजिट विद्यालय के एक सहायक अध्यापक का धार्मिक कारनामा सामने आया। छात्रों के हाथ में कलावा, माथे पर तिलक लगाने और माला पहनने से भी रोक लगाने का मामला तूल पकड़ लिया है। छात्रों को धार्मिक मामले में रुचि दिखाने पर रोक लगा दिया था, जिसका विरोध का स्वर जिला मुख्यालय तक पहुंचा और मीडिया में छाया रहा। छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षक परमानंद बताते हैं कि इस संसार में कोई भगवान नहीं है। हाथ का कलावा कटवा दिया। माथे का तिलक मिटवा दिया और गले से माला उतरवा दी।
क्या बोले बीएसए
बीएसए संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि घोसी स्थित कंपोजिट विद्यालय के एक सहायक अध्यापक परमानंद की शिकायत छात्रों का कलावा काटना और तिलक हटाने का मामला प्रकाश में आया था। उसमें तत्काल हमने खंड शिक्षा अधिकारी घोसी से एक आख्या मांगी गई थी, जिसमें वह दोषी पाए गए। तत्काल उन्हें प्रारंभिक जांच में निलंबित कर दिया गया है। जांच अधिकारी नामित हो गए हैं। आगे जो भी जांच आएगी, उसी के अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
