वाराणसी, इटावा और झांसी समेत कई शहरों में लूट और ठगी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्वर्णकार संघ ने अहम फैसला लिया है।
वाराणसी: बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश के वाराणसी, झांसी और इटावा समेत कई जिलों में सर्राफा कारोबारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब बुर्का, हिजाब, घूंघट या हेलमेट पहनकर आने वाले ग्राहकों को आभूषण नहीं बेचे जाएंगे। यह कदम लगातार हो रही चोरी, लूट और ठगी की घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है, ताकि अपराधियों की पहचान आसानी से हो सके और व्यापारियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ की वाराणसी इकाई के जिलाध्यक्ष कमल सिंह ने बताया कि वाराणसी में चेहरे ढककर आने वाले ग्राहकों को आभूषण नहीं बेचे जाएंगे। अगर नकाबपोश व्यक्ति कोई वारदात को अंजाम देता है तो उसकी पहचान नहीं हो पाती। इसी के चलते दुकानों के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं जिन पर लिखा है, मास्क, बुर्का, हेलमेट और नकाब पहनकर दुकान में आना मना है।
दुकानदार किसी धर्म का विरोध नहीं कर रहे: सत्यनारायण सेठ
उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ ने बताया कि झांसी सहित प्रदेश के कई जिलों में सुनार की दुकानों के बाहर ऐसे ही पोस्टर लगे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकानदार किसी के धर्म का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए यह कदम उठा रहे हैं। मुस्लिम ग्राहक बुर्का पहनकर आएं, लेकिन दुकान पर नकाब हटा दें, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके।
इटावा में घूंघट में आने पर लगी रोक
इटावा में भी इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के निर्देश पर जिले की सभी आभूषण दुकानों और शोरूम में चेहरा ढककर प्रवेश न करने की अपील की गई है। हेलमेट, नकाब, घूंघट या अंगोछा पहनकर आने वाले ग्राहकों को पहले अपना चेहरा दिखाना होगा। बिना चेहरा दिखाए न तो आभूषण दिखाए जाएंगे और न ही कोई बिक्री की जाएगी।
लगातार चोरी और लूट की घटनाओं के बाद लिया फैसला
इस फैसले के बाद शहर की सर्राफा दुकानों पर अपील वाले पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं। यह निर्णय लगातार सामने आ रही चोरी और लूट की घटनाओं को देखते हुए लिया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि कई बार नकाबपोश लोग आभूषणों की दुकानों पर वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। बाद में सीसीटीवी कैमरों में उनके चेहरे साफ न होने के कारण पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
