नई दिल्ली: भारत ने एक और नोटिस टू एयरमेन ( NOTAM ) जारी किया है। यह नोटिस विशाखापत्तनम तट पर बंगाल की खाड़ी के लिए जारी किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार यह नोटम 22 दिसंबर से लेकर 24 दिसंबर तक के लिए है और नोटिफिकेशन में जो रेंज दिया गया है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि किसी लंबी-दूरी की मिसाइल का परीक्षण हो सकता है। नोटम के दौरान नोटिफाइड एयरस्पेस में उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। हाल ही में इस तरह के और भी नोटिस जारी किए जा चुके
मिसाइल टेस्ट की संभावना
यह नोटम क्यों जारी किया गया है और इस दौरान क्या होना है, इसकी किसी तरह से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वैसे जियोपॉलिटकल एक्सपर्ट डेमियन साइमन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक मैप पोस्ट किया है, जिसमें नोटम के दायरे में आने वाला क्षेत्र दिखाया गया है। साइमन ने अपने पोस्ट में लिखा है, भारत ने बंगाल की खाड़ी इलाके में मिसाइल की संभावित टेस्ट के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसकी रेंज करीब 470 किलोमीटर है।
टेस्टिंग से पहले नोटम
इस नोटम को लेकर अटकलें हैं कि हो सकता है कि समुद्र आधारित किसी मिसाइल का परीक्षण किया जाए। डिफेंस एक्सपर्ट का कहना है कि समुद्र में किसी रणनीतिक परीक्षण से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और तालमेल के साथ टेस्टिंग के लिए इस तरह से नोटम जारी होना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसी तरह का एक नोटम 11 दिसंबर को भी बंगाल की खाड़ी के लिए जारी हुआ था और यह 17 से लेकर 20 दिसंबर तक लागू है।
नोटम क्या होता है
नोटिस टू एयरमेन या नोटम तब जारी किया जाता है, जब किसी खास एयरस्पेस को यातायात विमानों से खाली रखना होता है। पाकिस्तान के साथ जब तनाव चल रहा था, तब भी इस तरह की नोटिस जारी की गई थी। नोटम से किसी रणनीतिक गतिविधि के दौरान आम कमर्शियल एयरक्राफ्ट को सुरक्षित रखने में मिलती है।
नोटम से क्या होता है
जितने समय तक नोटम जारी रहता है, कमर्शियल विमानों को उस क्षेत्र में उड़ान भरने की अनुमति नहीं रहती यानी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो जाती है। इसकी वजह से एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों या ड्रोन को बेधड़क उस क्षेत्र में गतिविधियों की छूट मिल जाती है और वह अपना मिशन पूरा कर पाते हैं। नोटम के दौरान संबंधित क्षेत्र में वही एयरक्राफ्ट, मिसाइल या ड्रोन घुस सकते हैं, जिनकी सहायता के लिए इसे जारी किया जाता है।
