Headlines

आर्थिक प्रदर्शन में आगे कौन ?…NDA या UPA

सरकारी वित्त के प्रबंधन के तरीकों में दो गुणात्मक भेद हैं। पहला, रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, खासतौर पर महामारी के बाद और केंद्रीय बजट वास्तविक व्यय को दर्शा रहा है। कुछ वर्ष पहले तक सरकार बजट से इतर उधारियों की मदद से अपने व्यय की भरपाई करती थी। दूसरा, व्यय की गुणवत्ता…

Read Full News

भारतीय रिजर्व बैंक ने नीतिगत रीपो दर पर रखा लंबा विराम

एमपीसी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में हेडलाइन मुद्रास्फीति औसतन 5.4 फीसदी रहेगी। हालांकि उसका यह भी अनुमान है कि 2024-25 में इस दर में कमी आएगी और यह औसतन 4.5 फीसदी रह सकती है जो लक्ष्य के करीब होगी। इस अनुमान को दो स्रोतों से खतरा हो सकता है। पहला है खाद्य…

Read Full News

आत्मविश्वास से भरा अंतरिम बजट,आगामी वर्ष के लिए जरूरी आवंटन

अंतरिम बजट केवल जरूरी चीजों पर केंद्रित रहा: पिछले वर्ष के प्रदर्शन की प्रस्तुति एवं आगामी वर्ष के लिए जरूरी आवंटन। किसी बड़ी रियायत, कल्याणकारी योजना व्यय, कर रियायत आदि के जरिये लोगों को रिझाने आदि की कोशिश नहीं की गई।अंतरिम बजट केवल जरूरी चीजों पर केंद्रित रहा: पिछले वर्ष के प्रदर्शन की प्रस्तुति एवं…

Read Full News

बदलनी होगी आक्रांताओं को नायक मानने की मानसिकता

इस्लामी आक्रांता हिंदू मंदिरों को क्यों ध्वस्त करते थे? क्या केवल लूट के लिए या उन्माद के कारण? वास्तव में, लूट से बड़ी वजह उनकी मजहबी कट्टरता थी। इस मानसिकता का विवरण वर्ष 1908 में जी.रुस-केपेल और काजी अब्दुल गनी खान द्वारा अनुवादित तारीख-ए-सुल्तान महमूद-ए-गजनवी पुस्तक में मिलता है। इसके अनुसार, जब महमूद गजनवी (971-1030)…

Read Full News