इतिहास के अनछुए पन्ने आखिर कौन थे ? सम्राट पृथ्वीराज चौहान
पुरा नाम :- पृथ्वीराज चौहान अन्य नाम :- राय पिथौरा माता/पिता :- राजा सोमेश्वर चौहान/कमलादेवी पत्नी :- संयोगिता जन्म :- 1149 ई. राज्याभिषेक :- 1169 ई. मृत्यु :- …
पुरा नाम :- पृथ्वीराज चौहान अन्य नाम :- राय पिथौरा माता/पिता :- राजा सोमेश्वर चौहान/कमलादेवी पत्नी :- संयोगिता जन्म :- 1149 ई. राज्याभिषेक :- 1169 ई. मृत्यु :- …
राष्ट्रीय प्रतीक,फल फूल,वृक्ष, पशु,पक्षी सब तो स्वीकार है। फिर राष्ट्रभाषा हिन्दी होने से, आजतक भी क्यों इनकार है।। भारतवर्ष में २२ भाषाओं को, राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। हिंदी ज्यादातर में प्रचलित है, ज्यादा जनसंख्या में व्याप्त है।। सभी क्षेत्रीय भाषायें सम्मानित है। सभी भाषाओं का सम्मान है। पर औषत संपर्क भाषा हिंदी है, हिंदी…
तानाजीराव मालूसरे का जन्म 17वीं शताब्दी में महाराष्ट्र के कोंकण प्रान्त में महाड के पास ‘उमरथे’ में हुआ था। वे बचपन से छत्रपति शिवाजी के साथी थे। ताना जी और शिवा जी एक-दूसरे को बहुत अछी तरह से जानते थे। तानाजीराव, शिवाजी के साथ हर लड़ाई में शामिल होते थे। ऐसे ही एक बार शिवाजी…
तैमूर लँगड़े को भारत से बाहर खदेड़ने वाली वीरांगना रामप्यारी गुर्जर की कहानी तैमूर लंग की 120000 की सेना देखते ही देखते ढेर हो गई और उसे जान बचाकर भागना पड़ा हमारे वामपंथी इतिहासकार हमें बताते आए हैं कि कैसे तैमूर लंग और उसकी क्रूर सेना ने दिल्ली को क्षत विक्षत करते हुए…
किसी स्त्री का बलात्कार करने के उपरांत आरा मशीन से उसे दो भागों में चीर देने की किसी घटना के बारे में आपने सुना है ? और दो भाग भी ऐसे कि उसके गुप्तांग से आरी चलाते हुए दोनों वक्ष स्थलों को दो भाग में करते हुए माथे को दो भाग में चीर देना ….
अंत सभी का होता ही है, कंस रावण हिरण्यकश्यप। हरि विरोधी जो भी होगा, उनका होगा रामनाम सत्य।। यही जगत की सच्चाई है, मूर्ख नही समझ पाते। अति की भी सीमा होती है, रहते समय सकझ जाते।। आज भी जो घटित हो रहा, उसका अंत भी होना है। हो केरल बंगाल कही और, सबको एक…
राजपुताना वीरो की भूमि है। यहाँ ऐसा कोई गांव नही जिस पर राजपूती खून न बहा हो, जहाँ किसी जुंझार का देवालय न हो, जहा कोई युद्ध न हुआ हो। भारत में मुस्लिम आक्रमणकर्ताओ कोे रोकने के लिए लाखो राजपूत योद्धाओ ने अपना खून बहाया बहुत सी वीर गाथाये इतिहास के पन्नों में…
अजंता की गुफाएँ: महाराष्ट्र में औरंगाबाद के पास वाघोरा नदी के पास सह्याद्रि पर्वतमाला (पश्चिमी घाट) में स्थित हैं। इसमें कुल 29 गुफाएँ (सभी बौद्ध) हैं, जिनमें से 25 को विहार या आवासीय गुफाओं के रूप में जबकि 4 को चैत्य या प्रार्थना हॉल के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इन गुफाओं का विकास…
अंग्रेज गए हमें अंग्रेजी नाम देकर। हम खुश होते है इंडिया नाम लेकर।। हमारे पास हिंदुस्तान नाम तो था ही, जो हमारे भूगोल की याद दिलाता है। हमारे पास तो भारत नाम भी था जो संस्कृति सभ्यता संस्कार दुहराता है।। न जाने क्यों हम इंडिया से चिपके है, भारत पूर्ण रूप से क्यों नही अपनाते।…
दुनिया में समय और कालगणना के लिए अनेक वर्ष और सम्वत प्रचलित हैं इसमें मुख्य रूप से विक्रम संवत शक संवत हिजरी संवत इसाई संवत कलि संवत युधिष्ठिर एवं श्री कृष्ण संवत प्रमुख हैं इस समय विक्रम संवत 2081 शक संवत 1945 ई सन 2024 कलि संवत 5126 और श्री कृष्ण संवत 5250…