Headlines

NCP और DMK विपक्ष का खेमा न छोड़ें,कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने की बड़ी अपील

   एनसीपी ( शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले के एक बयान ने कांग्रेस की टेंशन बढ़ाकर रख दी है। अब कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने एनसीपी( शरद पवार) और डीएमके से विपक्षी खेमा न छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर यहां टूट होती है तो यह बड़ा धोखा होगा।

    रमेश सिंह /नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी को इस बात की चिंता सता रही है कि बीजेपी परिसीमन बिल पर अहम सहयोगियों को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है और वे विपक्ष का साथ छोड़ सकते हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस ने बुधवार को डीएमके और एनसीपी ( शरद पवार ) से गुहार लगाते हुए कहा कि प्रस्तावित संविधान संशोधन कानून राज्यों के अधिकारों के लिए खतरनाक है और उन्हें इसके खिलाफ अपने पुराने रुख पर कायम रहना चाहिए।

विपक्ष ने एकजुट होकर इस साल अप्रैल में इस बिल को खारिज कर दिया था, जिससे मोदी सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी। इन दो क्षेत्रीय पार्टियों से अपील करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि बीजेपी 131वां संविधान संशोधन बिल फिर से लाने की योजना बना रही है।

क्या है इस बिल का मकसद

इस बिल का मकसद विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करना बताया जा रहा है, लेकिन इसका असली मकसद परिसीमन और संभवतः निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में हेरफेर (जेरीमेंडरिंग) का रास्ता साफ करना था। उन्होंने कहा कि संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम के जरिए विधानसभाओं में महिलाओं के लिए कोटा पहले ही तय किया जा चुका है, इसलिए किसी नए बिल की जरूरत नहीं है।

पी. चिदंबरम को फूट की आशंका

पी. चिदंबरम ने कहा कि टीएमसी में फूट डालने के बाद, खबर है कि बीजेपी अब एनसीपी(शरद पवार) और डीएमके को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है, ताकि उस बिल के नए वर्शन को मंजूरी दिलाने के लिए जरूरी वोट जुटा सके। एनसीपी (शरद पवार) और डीएमके को उस बिल के असली मकसद के बारे में साफ जानकारी है और उम्मीद है कि वे भविष्य में भी अपनी बात पर अडिग रहेंगी। चिदंबरम ने कहा कि अगर इनमें से कोई भी पार्टी समर्थन देती है, तो यह उनकी अपनी अंतरात्मा के साथ धोखा होगा, जिसने अप्रैल 2026 में उनका मार्गदर्शन किया था।

सुप्रिया सुले के बयान से बढ़ी सियासी हलहल

एनसीपी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को कहा कि अगर एनडीए सरकार का परिसीमन कानून हर राज्य में लोकसभा सीटों में एक समान 50% बढ़ोतरी का प्रस्ताव देता है, तो इसका विरोध करने का कोई खास कारण नहीं होगा। उनकी इस टिप्पणी ने शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी के बीजेपी के करीब आने की अटकलों को हवा दे दी। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले सत्र में लोकसभा में इसकी घोषणा भी की थी, जब उन्होंने गैर-कांग्रेसी पार्टियों को बिल का समर्थन करने के लिए मनाने की असफल कोशिश की थी।