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ट्रंप की धमकी के बाद ईरान में बिगड़ते हालात: भारत ने जारी की एडवाइजरी, कहा- जहां हैं, वहीं रहें

   पश्चिम एशिया में तनाव के साथ जुबानी जंग भी चरम पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खत्म करने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, खर्ग द्वीप पर हमले तेज किए हैं। वहीं, ईरान ने भी उसके ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। इस बीच, भारत सरकार ने अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की। एडवाइजरी में क्या कहा गया, पढ़िए रिपोर्ट-

ईरान में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ईरान में मौजूद नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जहां हैं वहीं सुरक्षित रहें, आश्रय (शेल्टर) में रहें।

शेल्टर में रहने की चेतावनी
मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे जहां हैं वहीं सुरक्षित रहें, शेल्टर में रहें और अनावश्यक आवाजाही से बचें। ईरान के भीतर या सीमा पार करने से जुड़ी किसी भी यात्रा का निर्णय केवल तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ करीबी समन्वय और उनकी स्पष्ट सलाह प्राप्त करने के बाद ही लिया लें।

भारतीय दूतावास ने क्या कहा?
भारतीय दूतावास ने आपात एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, भारतीय नागरिक घर के अंदर रहें। सैन्य ठिकानों और बिजली ढांचे से दूर रहें। ऊंची इमारतों की ऊपरी मंजिलों में जाने से भी बचें। दूतावास ने कहा, जो लोग दूतावास के होटलों में ठहरे हैं, वे वहीं रहें। नियमित रूप से के संपर्क में बने रहें। हाईवे पर यात्रा करने से पहले दूतावास से समन्वय करें। सभी नागरिकों से कहा गया है कि वे आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें। दूतावास के आपातकालीन नंबर चालू हैं। आंकड़ों के मुताबिक, तनाव शुरू होने के समय ईरान में करीब 9,000 भारतीय थे। अब तक लगभग 1,800 लोग भारत लौट चुके हैं।

यह एडवाइजरी ऐसे समय आई है, जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि तय समय तक मांग पूरी न होने पर बड़ा खतरा हो सकता है।

ट्रंप बोले, पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार सुबह अपने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो एक पूरी सभ्यता आज की रात नष्ट हो जाएगी, जो फिर कभी वापस नहीं लाई जा सकेगी। हालांकि, उन्होंने समझौते की संभावना को भी जीवित रखा और कहा कि शायद कुछ क्रांतिक्रारी और अद्भुत हो जाए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी समय सीमा खत्म होने से पहले ईरान से सकारात्मक जवाब मिलने की उम्मीद जताई। ट्रंप ने समझौता करने के लिए ईरान को मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समय बुधवार सुबह 6:30 बजे) तक का समय दिया है। समझौता नहीं करने पर ईरान के बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचों को तबाह करने की धमकी दी है।

‘1.4 करोड़ ईरानी  बलिदान के लिए तैयार’
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 1.4 करोड़ ईरानी देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने के लिए तैयार हैं। वह भी ईरान के लिए बलिदान देने वाले रहे हैं और आगे भी रहेंगे। इससे पहले, ईरान के उप खेल मंत्री अलीरेजा रहीमी ने देश के खिलाड़ियों और कलाकारों से बिजली संयंत्रों के चारों ओर मानव शृंखला बनाने का आह्वान किया। एक वीडियो संदेश में, उन्होंने सभी युवाओं, खिलाड़ियों, कलाकारों, छात्रों और शिक्षकों को मंगलवार को दोपहर 2 बजे (ईरान के स्थानीय समय के अनुसार) बिजली संयंत्रों के पास इकट्ठा होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा, ये हमारी संपत्ति और साजो-सामान हैं।

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इस्राइल ने कहा, ट्रेनों से दूर रहें ईरानी
इस्राइली सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये ईरानियों को ट्रेनों से दूर रहने की चेतावनी दी है और कहा है कि रेलवे ट्रैक के पास मौजूद कोई भी व्यक्ति खतरे में होगा। ईरान ने कहा कि इस्राइली हवाई हमले में तेहरान में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पूरी तरह नष्ट हो गया। ईरानी मीडिया में दिखाए गए फुटेज में मलबे में हिब्रू ग्रंथ बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं। ईरान के यहूदी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद होमायून सामेह ने कहा कि प्रार्थना स्थल की इमारत पूरी तरह से नष्ट हो गई और हमारी तोराह की पुस्तकें मलबे के नीचे दब गईं। हालांकि, इस्राइली सेना ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

अल्बोर्ज प्रांत में हमले में कई लोगों की मौत
ईरानी समाचार एजेंसी मिजान ने बताया कि तेहरान के उत्तर-पश्चिम में स्थित ईरान के अल्बोर्ज प्रांत को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में कम से कम 18 लोग मारे गए और 24 लोग घायल हो गए। शाहरियार शहर में एक आवासीय इमारत पर मिसाइल हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। इस्राइली सेना ने इस्फहान प्रांत के काशान शहर में याह्या आबाद रेलवे पुल को निशाना बनाया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और पुल को भारी नुकसान पहुंचा।

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