अमेरिकी राष्ट्रपति ने दुनिया के अपने ट्रेडिंग पार्टनर्स पर रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान कर दिया है. भारत पर 26 तो चीन पर 34 फीसदी टैरिफ का ऐलान हुआ है. खास बात तो ये है कि अमेरिका ने अपने ट्रेडिंग पार्टनर्स पर वैसा ही टैरिफ नहीं थोपा जो बाकी पार्टनर्स लगाते हैं. अमेरिकी प्रेसीडेंट ट्रंप ने 50 फीसदी का डिस्काउंट दिया है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर दुनिया के प्रमुख पार्टनर्स पर ट्रंप ने कितना टैरिफ लगाया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति ने दुनिया के तमाम देशों पर अपना रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान कर दिया है. अमेरिका के रात 12 बजे के बाद पूरी दुनिया में ये टैरिफ लागू हो जाएगा. खास बात तो ये है कि अमेरिका ने इस रेसिप्रोकल टैरिफ को 50 फीसदी डिस्काउंट के साथ लागू करने का ऐलान किया है. अगर कोई देश अमेरिकी प्रोडक्ट्स औसतन 70 फीसदी टैरिफ लगाता है तो अमेरिका ने ऐसे देश पर 35 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है.
भारत पर कितना टैरिफ
अगर बात भारत पर लगे रेसिप्रोकल टैरिफ की करें तो वो 26 फीसदी है. ट्रंप ने भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान करते हुए कहा कि भारत बड़ा मुश्किल देश है. वहां के लोग और सरकार काफी अच्छी है और पीएम नरेंद्र मोदी उनके काफी अच्छे मित्र भी हैं. बावजूद इसके वो अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर औसतन 52 फीसदी टैरिफ लगाते हैं. ऐसे में हमने भारत पर 26 फीसदी का टैरिफ लगाया है. इसका मतलब है कि भारत के प्रोडक्ट्स पर अमेरिका में औसतन 26 फीसदी का टैरिफ लगाया जाएगा. अगर कोई भारतीय प्रोडक्ट अमेरिका में पहले विदाउट टैरिफ 100 डॉलर में मिल रहा था, अब उसकी वैल्यू 126 डॉलर हो जाएगी. जो काफी बड़ा फैसला है.
पाकिस्तान और चीन की तोड़ी कमर
वहीं दूसरी ओर भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो चीन और पाकिस्तान की कमर तोड़ने में ट्रंप ने कोई कोताही नहीं बरती है. दोनों देशों पर भारत के मुकाबले में काफी ज्यादा टैरिफ लगा है. उसका कारण भी दोनों देश भारत के मुकाबले में अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर ज्यादा टैरिफ लगाते हैं. 50 फीसदी डिस्काउंट के बाद भी दोनों देशों पर टैरिफ भारत के मुकाबले में काफी ज्यादा है. पहले बात चीन की करें तो ड्रैगन अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर अपने देश में 64 फीसदी टैरिफ लगाता है. ऐसे में अमेरिका ने चीन पर 32 फीसदी का टैरिफ लगाया है. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर 58फीसदी टैरिफ लगाता है, जिसकी वजह से ट्रंप ने पाकिस्तान प्रोडक्ट्स पर 29 फीसदी का टैरिफ लगाया है, जो कि भारत के मुकाबले में काफी ज्यादा है.