औरंगजेब के नाम पर विवाद आज के दौर में प्रासंगिक नहीं- आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर

मुगल शासक औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन के बाद सोमवार को नागपुर शहर में हिंसा भड़क गयी थी। अधिकारियों ने बताया कि हिंसा के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पेट्रोल बम भी फेंके। वहीं, बुधवार को नागपुर हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे 21 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। औरंगजेब को लेकर विवाद के बीच आरएसएस के प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा समाज के लिए ठीक नहीं है।

बातचीत के दौरान सुनील आंबेकर ने औरंगजेब की प्रासंगिकता और उनकी कब्र को हटाने के सवाल पर कहा कि मुगल बादशाह आज के समय में प्रासंगिक नहीं है। ना ही किसी तरह की हिंसा को प्रोत्साहित किया जा सकता है।

नागपुर शहर में भड़की हिंसा

    17 मार्च को विरोध-प्रदर्शन के बाद नागपुर शहर में भड़की हिंसा के दौरान दंगाइयों की भीड़ ने एक महिला कांस्टेबल से कथित तौर पर छेड़छाड़ की और उसे निर्वस्त्र करने की कोशिश की। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि हिंसा के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पेट्रोल बम भी फेंके। उन्होंने कहा कि पुलिस अब तक 51 दंगाइयों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कुल 57 धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

     बताया जाता है कि हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया गया। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हिंसा के सिलसिले में नागपुर में कुल पांच प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अंधेरे का फायदा उठाकर भीड़ ने दंगा नियंत्रण पुलिस (आरसीपी) की एक महिला कांस्टेबल और उसकी वर्दी को छूने की कोशिश की और उसे निर्वस्त्र करने का प्रयास किया। भीड़ ने अन्य महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और अश्लील टिप्पणियां कीं। दंगाइयों ने उनकी तरफ आपत्तिजनक इशारे भी किए और उन पर हमला भी किया।’’ हिंसा के मद्देनजर शहर के कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू अब भी लागू है।