पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ते वैश्विक तेल संकट के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने भारत के संयम और कूटनीतिक रुख की सराहना की।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को अब 5वां हफ्ता हो गया है, लेकिन हालात सामान्य नहीं हुए हैं। ऐसे में वैश्विक तेल संकट और गहराता जा रहा है। इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने नई दिल्ली की बातचीत और संयम बरतने की अपील की तारीफ की। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत इस मामले में बहुत असरदार भूमिका निभा सकता है। उन्होंने भारत के कूटनीतिक रुख की सराहना की। उन्होंने सोमवार को ANI को दिए एक इंटरव्यू में ये बातें कहीं।
जब उनसे पूछा गया कि वे इस संघर्ष में अब तक भारत के रुख को कैसे देखते हैं, और नई दिल्ली और तेहरान के बीच किस तरह की बातचीत चल रही है, तो राजदूत ने कहा, ‘भारत की बातचीत और संयम की अपील तारीफ के काबिल और जिम्मेदार रुख है। हमारा मानना है कि इन हालात में भारत जैसे देशों की भूमिका बहुत असरदार हो सकती है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान को उम्मीद है कि ‘सभी आजाद और आजादी पसंद देश, अमेरिका और इजरायल की फौजी और हमलावर कार्रवाइयों की साफ तौर पर निंदा करेंगे, जिन्होंने ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन किया है और आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिसमें स्कूल, यूनिवर्सिटी, अस्पताल, रिहायशी इलाके और आर्थिक बुनियादी ढांचा शामिल हैं।’ राजदूत फथाली ने कहा कि ईरान ने कभी भी जंग नहीं चाही है और उसने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि वह किसी भी संघर्ष की शुरुआत नहीं करेगा।

