ईरान ने अमेरिका के अस्थायी संघर्ष विराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान ने कहा है कि वे अमेरिका के साथ अपने पिछले अनुभवों के आधार पर, किसी अस्थायी संघर्ष-विराम को स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने अमेरिका के साथ स्थायी संघर्ष विराम पर जोर दिया है और इसकी जानकारी पाकिस्तान को भी दी है।
तेहरान: ईरान ने एक बार फिर अमेरिका के सीजफायर के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उसने पाकिस्तान के जरिए अपना जवाब अमेरिका को भेजा है। यह जानकारी सोमवार को ईरानी सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने दी है। इस जवाब में साफ लिखा है कि ईरान किसी भी तरह से अस्थायी सीजफायर के लिए तैयार नहीं है, बल्कि वह युद्ध का स्थायी अंत चाहता है।
ईरान ने अमेरिका से रखी मांग
ईरान ने पाकिस्तान को सौंपें जवाब में अमेरिका से कुछ मांगे भी रखी हैं, जिनमें इस इलाके में चल रहे संघर्षों को खत्म करना, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने के लिए एक नियम बनाना, पुनर्निर्माण करना और प्रतिबंधों को हटाना शामिल है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मध्यस्थों के ज़रिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, और तेहरान तथा वॉशिंगटन के बीच संदेशों के आदान-प्रदान में पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहा है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी
इस बीच व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने CBS न्यूज को बताया कि पाकिस्तान के समर्थन वाला यह सीजफायर प्रस्ताव, ईरान के खिलाफ विचाराधीन “कई विचारों में से एक” है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इस पर अपनी मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने आगे कहा, “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी है।”
पाकिस्तान ने क्या कहा?
पाकिस्तान ने सोमवार को उन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें कहा गया था कि उसने अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त कराने के लिए 45 दिनों के युद्ध विराम समझौते का प्रस्ताव किया है। हालांकि, उसने यह पुष्टि की कि शांति प्रक्रिया अभी भी जारी है। सरकारी पाकिस्तानी टीवी चैनल के अनुसार, विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, ‘‘45 दिनों के युद्धविराम प्रस्ताव या 15 सूत्री समझौते की कई खबरें आई हैं। हम इन पर टिप्पणी नहीं कर सकते।’’ हालांकि, उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि शांति प्रक्रिया जारी है।

