कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि अगर पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जैसे ग्लोबल लीडर दखल दें तो पश्चिम एशिया संकट का शांतिपूर्ण समाधान मुमकिन है। थरूर पश्चिम एशिया मुद्दे पर मोदी सरकार की रणनीति का समर्थन कर रहे हैं।
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि ईरान के होर्मुज स्ट्रेट में जबरदस्ती घुसने की वैसे तो किसी भी देश की कोई दिलचस्पी नहीं है। लेकिन, साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि ऐसा करना एक तरह से जंग के ऐलान की तरह ही होगा।
कांग्रेस नेता ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुरुवार को हुई बातचीत पर भी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि खाड़ी में जारी जंग को रोकने के लिए यह बहुत ही आवश्यक है।
पीएम मोदी , इमैनुएल मैक्रों दखल दें तो तनाव कम होगा
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को पीएम मोदी के फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से हुई बातचीत पर मीडिया वालों से कहा’मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है कि हम इस युद्ध को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाएं… अगर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों जैसे बड़े लोग युद्ध में शामिल दोनों पक्षों के बीच दखल दें और उन्हें इसको कम करने के लिए कहें, तो यह इस क्षेत्र, हमारे देश और विश्व के लिए भी अच्छा होगा।
..मुझे नहीं लगता कि किसी भी देश को (होर्मुज) स्ट्रेट से जबरदस्ती गुजरने की कोशिश करने में कोई दिलचस्पी है….यह जंग का ऐलान करने जैसा होगा और मुझे नहीं लगता कि दोनों (भारत और फ्रांस) में से किसी भी देश में इसकी कोई इच्छा है…।
भारत और फ्रांस में खास ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप हो
थरूर ने आगे कहा, ‘भारत और फ्रांस के बीच एक खास ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप होनी चाहिए… जिसे इस साल शुरू में अपग्रेड किया गया था…इस भावना से उनके लिए इन मामलों पर बात करना बहुत आवश्यक है…।
पश्चिम एशिया संकट दूर करने के लिए पीएम मोदी की पहल
- पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत का दौर जारी है।
- गुरुवार को पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति के अलावा ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से भी बातचीत की।
- भारत के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से नेविगेशन का मुद्दा सबसे अहम है।
- भारत के शीर्ष नेतृत्व ने सभी वैश्विक नेताओं से पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा के दौरान बातचीत, कूटनीति और क्षेत्रीय स्थायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
- पीएम मोदी और इन सभी वैश्विक नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट का शांतिपूर्ण समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों में ही बताया है।
