अब आपको निर्णय करना है कि आपको कैसा भारत चाहिये -साध्वी प्रज्ञा
“कुत्ती” , “कमीनी” , “वेश्या” , “कुलटा ” बोल इस भगवा में किसकी रखैल है तू ?” “अब तक कितनों के बिस्तर पर गई है?” “किसके इशारे पर सब कर रही है ?” “जिंदगी प्यारी है तो जो मैं कहता हूँ कबुल कर ले बाकी जिंदगी आराम से कटेगी” यह शब्द सुनकर आपकी त्योरियां…
