अलग अंदाज में दिखे PM मोदी, संघ प्रमुख भागवत बोले यह ‘शुभ योग’, पीएम नरेंद्र मोदी में दिखी स्वयंसेवक-प्रचारक की झलक

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी नागपुर की बहुप्रतीक्षित यात्रा में बेहद अलग अंदाज में दिखे। करीब 14 साल संघ मुख्यालय गए पीएम मोदी ने रेशम बाग स्थित संघ मुख्यालय को लाखों स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणास्रोत बताया तो वहीं पीएम मोदी की केशव कुंज में मौजूदगी को सर संघचालक मोहन भागवत ने शुभ योग से जोड़ दिया।

मुंबई: चैत्र नवरात्र के साथ भारतीय नव वर्ष विक्रमी संवत 2082 की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागपुर के दौरे पर पहुंचे। इस दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलग अंदाज में दिखे। उन्होंने रेशम बाग में स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के केशव कुंज में करीब 14 साल बाद कदम रखा। पीएम मोदी ने संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और दूसरे संघ प्रमुख श्रद्धेय माधवराव सदाशिवराव गोवलकर ‘गुरुजी’ को पुष्पांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने इस मौके पर भावुक संदेश भी लिखा। पीएम मोदी की इस मौके पर मौजूदा संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ गर्मजोशी भी दिखी। पीएम मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बीच कई मौकों पर बातचीत भी हुई। पीएम मोदी 1987 में संघ से बीजेपी में आए थे। ऐसे में वह लंबे समय बाद संघ मुख्यालय नए अवतार में दिखे।

स्मृति मंदिर में संघ प्रमुख से पीएम मोदी ने की बात।

संघ प्रमुख ने गिनाया ‘शुभ योग’
हिंदू नववर्ष की शुरुआत के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शुभ योग बताया है।

माधव नेत्रालय के प्रीमियर सेंटर की आधारशिला रखने जाने के मौके पर संघ प्रमुख ने कहा कि आज डॉक्टर साहब (संघ संस्थापक हेडगेवार) का जन्मदिन है, दूसरे संघ प्रमुख माधवराव सदाशिवराव गोवलकर ‘गुरुजी’ के नाम पर चल रहे सेवा प्रकल्प के विस्तार का कार्यक्रम है और प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) जी का यहां पर उपस्थित होना।

सारे शुभ योग हैं। जब ये सारे शुभ योग एकत्रित हैं। जब ये सारे शुभ योग एकत्रित होते हैं तो उसके लिए तपस्या करनी पड़ती है। संघ प्रमुख के इस बयान को बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पीएम मोदी की नागपुर यात्रा लंबे समय से चर्चा में थी। वह आखिरी बार संघ मुख्यालय जुलाई, 2013 में गए थे तब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

क्या है नागपुर का नया संदेश?
संघ और बीजेपी के रिश्तों पर नजर रखने वाले एक जानकार कहते हैं कि पीएम मोदी नागपुर के दौरे में एक स्वयंसेवक, प्रचारक के रूप में भी दिखे। उन्होंने अपने लिखित संदेश में संस्थापकों को कृतज्ञतापूर्वक याद किया। पीएम मोदी की यात्रा के बाद बीजेपी और संघ के बीच समन्वय में जो थोड़ी कमी आ गई थी। वह कमी दूर हो सकती है। जानकार कहते हैं कि आप देखिए पीएम मोदी गुजरात के जिस वडोदरा में खुद प्रचारक रहे।

वहां पर बीजेपी ने 44 पदाधिकारियों की बजाय एक स्वयंसेवक संघ में काम करने वाले डॉ. जयप्रकाश सोनी को मौका दिया है। उन्हें शहर अध्यक्ष बनाया है। गुजरात में बीजेपी ने कुल घोषित 35 शहर और जिला अध्यक्षों में 22 का जुड़ाव संघ, विहिप, बजरंग दल और एबीवीपी से है। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले दिनों में संघ की भट्‌ठी में तपे स्वयंसेवकों और प्रचारकों का बीजेपी में प्रवेश हो सकता है।