पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में टीएमसी से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की नींव रखी। इस पर मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि ये भारत में नए फसाद की जड़ बनेगा। भारत में बाबर के नाम पर मस्जिद स्वीकार नहीं है।
लखनऊ: ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखे जाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाकर भारत में नए विवाद को जन्म दिया जा रहा है। ‘बाबरी मस्जिद’ विवाद पर मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यह दुख की बात है कि बाबरी मस्जिद के नाम पर देश में नया बवाल खड़ा किया जा रहा है। चाहे पश्चिम बंगाल हो, उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो, पंजाब हो या कश्मीर, किसी भी राज्य में बाबर के नाम पर मस्जिद बर्दाश्त नहीं है।
मौलाना यासूब अब्बास ने आगे कहा कि मस्जिदों का नाम अल्लाह, पैगंबर या इमामों पर होना चाहिए। बाबर, अकबर या औरंगजेब के नाम पर मस्जिद का नाम रखना गलत है। देश को दोबारा फसाद की आग में झोंकना सही नहीं है। उन्होंने मांग उठाई कि हुमायूं कबीर के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में ‘बाबरी’ के नाम से मस्जिद की नींव रखी है। यह उस समय हुआ है, जब शनिवार को ही अयोध्या में गिराए गए विवादित ढांचे को 33 साल पूरे हुए हैं। मुस्लिम समुदाय उस विवादित ढांचे को ‘बाबरी मस्जिद’ बताता रहा है।
