होली मिलन में नाई,मोची धोबी व स्वच्छताकर्मियों का हुआ सम्मान। सामाजिक समरसता गतिविधि की ओर से होली मिलन समारोह
लखनऊ,13 मार्च । सामाजिक समरसता गतिविधि अवध प्रान्त की ओर से विश्व संवाद केन्द्र जियामऊ के अधीश सभागार में होली की पूर्व संध्या पर संगीत मय फागों के साथ होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन और सामाजिक समरसता गतिविधि के प्रान्त प्रमुख राजकिशोर ने नाई,मोची धोबी व स्वच्छताकर्मियों को शाल,स्मृति चिन्ह व अहिल्याबाई होलकर का चित्र देकर सम्मानित किया गया।

उन्होंने कहा कि अपना समाज समरस है है।
समरस समाज का प्रत्यक्ष प्रमाण हम सबने महाकुंभ में देखा। उसमें सम्पूर्ण समाज समरस हो गया एकरस हो गया। भारत ने दुनिया के सामने यह उदाहरण प्रस्तुत किया 67 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ में आए। स्वान्त रंजन ने कहा कि सामाजिक समरसता को जो अनुभव हमने महाकुंभ में किया है वह अनुभव हमारे जीवन में सदैव प्रकट होता रहे और हमको सदैव आप्लावित करता रहे और लगातार हमें आनंदित करता रहे।

सामाजिक समरसता गतिविधि के प्रान्त प्रमुख राजकिशोर ने कहा कि अनुसूचित समाज के लोगों को समता व सम्मान चाहिए। जातिगत विषमता को दूर करना है। समाज में समरसता का संदेश पहुंचाने और जाति के आधार पर भेदभाव को दूर करने के लिए सामाजिक समरसता गतिविधि काम कर रही है।
सामाजिक समरसता गतिविधि के प्रान्तीय कार्यकारिणी के सदस्य बृजनन्दन राजू ने कहा कि अस्पृश्यता को दूर करने का कार्य समय—समय पर अनेक संत व महापुरूषों ने किया था। आज संगठित व योजनाबद्ध ढ़ंग से समाज को समरस बनाने व सामाजिक भेदभाव को दूर करने का कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कर रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिलीप वाल्मीकि ने की।
कार्यक्रम का संचालन गरिमा मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष, प्रान्त के विशेष सम्पर्क प्रमुख प्रशान्त भाटिया,चिन्मय मिशन के आचार्य कौशिक,जिला प्रचारक अजीत,सह जिला कार्यवाह सिद्धार्थ,सामाजिक समरसता गतिविधि के प्रान्तीय कार्यकारिणी के सदस्यों में प्रदीप मिश्रा एडवोकेट,महेन्द्र,वीरेन्द्र ओझा,राहुल दिवेदी, एडवोकेट,वीरेन्द्र ओझा व रेनू राय प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।