भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन मार्च में हो सकती है शुरू, जानें क्या होगा रूट

 भारत में अब तक आपने डीजल और इलेक्ट्रिसिटी वाली ट्रेनों को पटरियों पर दौड़ते हुए देखा होगा। लेकिन अब बिना डीजल और इलेक्ट्रिसिटी के चलने वाली ट्रेन भी भारत में चलने को तैयार है। अगर ऐसा होता है, तो यह भारत में रेलवे के विकास का एक सबसे बड़ा कदम होगा। पिछले कुछ समय से लगातार देश में यात्रियों की सुविधाओं के लिए मेट्रो से लेकर नई वंदे भारत ट्रेन तक की नई सेवाएं लाए जा रही हैं। ऐसे में भारत को हाइड्रोजन मिलने की खबर एक खुशखबरी से कम नहीं है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको हाइड्रोजन वाली ट्रेन के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

  • रिपोर्ट्स के अनुसार इस ट्रेन के शुरू होने की बात मार्च में ही की जा रही है। उम्मीद लगाई जा रही है कि 31 मार्च तक यह ट्रेन चलाई जा सकती है।
  • यह ट्रेन भारत में चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किया जा रहा है। हाइड्रोजन से चलाई जाने की वजह से लोग इसकी पावर क्षमता पर भी बात कर रहे हैं।
  • बताया जा रहा है कि इसकी क्षमता 1,200 हॉर्स पावर (HP) होगी। अगर ऐसा होता है, तो भारत की पहली हाइड्रोजन वाली ट्रेन की क्षमता दूसरे देशों में चल रही ट्रेनों से दोगुनी अधिक होगी।
  • यह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को मिलाकर बिजली उत्पन्न करेगी, जिससे केवल जल वाष्प (water vapour) ही बनेगा। जिससे प्रदूषण नहीं होता, यह पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से बनाई जा रही है।
  • इस ट्रेन को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि यह सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक होगी।
  • पहली हाइड्रोजन ट्रेन किस रूट पर चलाई जा सकती है?

        देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा में चलाई जाने की बात हो रही है। रिपोर्टस का मानें तो यह सबसे पहले जींद और सोनीपत रूट पर दौड़ेगी। अगर ऐसा होता है, तो यह हरियाणा निवासियों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है। यह दोनों स्टेशनों के बीच 90 किलोमीटर की यात्रा पूरी करेगी, जो 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली है। अगर यह शुरू होती है, तो यह देश की अनोखी ट्रेनों में से एक मानी जाएगी।