रक्तदान कर दी शहीदों को श्रद्धांजलि, ब्लड डोनेट करने वाले लोगों को किया सम्मानित, कहा- यह पुण्य का काम
लायन्स क्लब जौनपुर मेन के शिविर में रक्तदान कर युवाओं ने वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
लायन्स क्लब जौनपुर मेन द्वारा शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के 94वे शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में अंतराष्ट्रीय ब्लड डोनेशन व अवेयरनेस अभियान के अन्तर्गत रविवार को स्थान शिवांश ब्लड बैंक कुत्तुपुर तिराहा में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें लोगो ने रक्तदान कर अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर, दीप प्रज्वलित कर की गई।
इस अवसर पर मण्डल वाइस चेयरमैन ब्लड डोनेशन डा संदीप मौर्य ने शहीदों के सम्मान में रक्तदान कर रहे लोगो को प्रोत्साहित किया और अमर शहीदो के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस तरह से इस देश के लिए शहीदों ने अपना खून बहाया है, उसी तरह हमें भी इस देश के लिए अपना खून दान करना चाहिए, जिससे किसी की जान बचाई जा सके. क्योकि एक व्यक्ति के रक्तदान करने से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि “हर रक्त का एक-एक कतरा आज बना वरदान है, आज़ादी की हर सांस पर उनकी कुर्बानी का नाम है”।
टीबी मुक्त भारत अभियान मण्डल चेयरमैन सै मो मुस्तफा ने कहा कि संवेदना-2 के अन्तर्गत निभा द्वारा चलाये जा रहे रक्तदान महाअभियान मे सहयोग करने व लोगो को रक्तदान के लिए जागरूक, प्रेरित करने हेतु ये शिविर आयोजित किया गया है।
डा चन्द्रकला मौर्य ने बताया कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने महज 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। उनकी यादों को ताजा रखने के लिए आज रक्त वीरो द्वारा रक्तदान कर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे है।
कुल 52 लोगो ने रक्तदान किया। रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके पूर्व संस्थाध्यक्ष संजय केडिया ने लोगों का स्वागत किया।
इस अवसर पर प्रदीप श्रीवास्तव, डा संजीव मौर्य, सुरेश चन्द्र गुप्ता, संजय जायसवाल, अरविन्द, राजेन्द्र, अमन, मोहम्मद फैज़, अभय, सदानन्द, सिद्धार्थ, शैलेश, राजकुमार, सुभाष, अशोक कुमार, अभिषेक, अश्वनी सिंह, प्रियाशु, शिवम सिंह, विशाल, सोनू, दिव्यम, ताजिक, बृजेश, राजू, प्रियांशु सिंह, विजय, नीरज करन, विक्की, नवनीत आदि ने रक्तदान किया।