Headlines

2 अप्रैल को गौरी योग का शुभ संयोग, नवरात्रि में माता गौरी की कृपा से मेष समेत 5 राशियों की जेब होगी हरी भरी

 2 अप्रैल दिन बुधवार है और दिन के स्वामी ग्रह बुध हैं। जबकि कल के दिन चैत्र नवरात्रि की पंचमी तिथि है और इस मौके पर चंद्रमा का गोचर वृषभ राशि में कृतिका उपरांत रोहिणी नक्षत्र से हो रहा है। ऐसे में कल नवरात्रि के मौके पर गौरी योग का महासंयोग बन रहा है। इस…

Read More

नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें भोग, आरती और मंत्र

    चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा महत्वपूर्ण है। मां का स्वरुप शांत और ममतामयी है, जो भक्तों को सुख-समृद्धि और शांति प्रदान करता है। पीले वस्त्र, पीले फूल और पीली मिठाई मां को प्रिय हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा कैसा करें। चैत्र नवरात्रि के…

Read More

नवरात्रि के दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें भोग, आरती और माता का स्वरुप

चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से तपस्या, संयम और ज्ञान की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी सफेद वस्त्र धारण करती हैं और उनके हाथों में अक्षयमाला और कमंडल होते हैं। उनके पूजन से कठिनाइयों से मुक्ति और शांति मिलती है। जानें नवरात्रि दूसरे दिन पूजा विधि भोग और मां ब्रह्मचारिणी की…

Read More

चैत्र नवरात्रि का पहला दिन आज, मां शैलपुत्री की करें पूजा

   चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है. 9 दिन मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है और आज मां दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की जाएगी. नवरात्रि के पहले दिन व्रत करने से माता शैलपुत्र प्रसन्न होती हैं और सभी…

Read More

क्या आपको पता है की भगवान् को 56 (छप्पन) भोग क्यों लगाए जाते हैं️ …??

️        भगवान को लगाए जाने वाले भोग की बड़ी महिमा है। इनके लिए 56 प्रकार के व्यंजन परोसे जाते हैं, जिसे छप्पन भोग कहा जाता है। यह भोग रसगुल्ले से शुरू होकर दही, चावल, पूरी, पापड़ आदि से होते हुए इलायची पर जाकर खत्म होता है। अष्ट पहर भोजन करने वाले बालकृष्ण…

Read More

गणेश चतुर्थी का महापर्व:संतान का कष्ट दूर होता है वह स्वस्थ दीर्घायु और यशवान बनता है

     गणेश चतुर्थी का महापर्व हर वर्ष माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है माताएं इस व्रत को अपने संतानों की रक्षा और उसके संकट को दूर करने के लिए देवों में प्रथम पूज्य गणेश के लिए करती हैं इसलिए इस संकटा चतुर्थी भी कहा जाता है हर वर्ष इस…

Read More

परा और अपरा शक्ति : शक्ति तत्त्व पर धार्मिक मामलो की विशेषज्ञ मंजूलता शुक्ला का विवेचन

1. शक्ति शब्द का विवेचन:-                 शक्ति शब्द की व्याख्या देवी भागवत महापुराण में इस प्रकार से की गयी है – ‘श’ शब्द (मंगलवाचक होने से) ऐश्वर्यवाचक है और ‘क्ति’ शब्द पराक्रम के अर्थ में है। इससे ऐश्वर्य और पराक्रम को देने वाली ‘शक्ति’ कहलाती है।                 व्यवहार में शक्ति का है सामर्थ्य, जैसे बल और परमार्थ में शक्ति का अर्थ है उपाधि (उप त्र…

Read More

भगवान शिव के मुख से प्रकट हुई थी कालाग्नि, सृष्टि के संहार और सृजन दोनों से जुड़ी है ये दिव्य ज्वाला

   भगवान शिव की एक विनाशक शक्तियों में से एक है शिव के मुख से प्रकट हुई भयंकर ज्वाला, जिसे कालाग्नि के नाम से जाना जाता है। इसका प्रकट होना एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शक्तिशाली पौराणिक घटना है, लेकिन ये घटना क्यों हुई और कालाग्नि के अन्य दूसरे पहलू क्या हैं, चलिए जानते हैं यूपी…

Read More

सफला एकादशी :भगवान विष्णु के8वें अवतार कान्हा की पूजा और उनके 108 नामों का जाप बहुत ही शुभ माना गया है

 सफला एकादशी का दिन बहुत ही उत्तम माना गया है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन श्री हरि की पूजा करने से सभी कष्टों का अंत हो जाता है। साथ ही देवी महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं तो आइए इस दिन (Saphala Ekadashi 2024) विष्णु जी…

Read More

मन की प्रवृत्तियों पर नियंत्रण ही योग है

मन की चंचलताओं या क्रियाओं पर स्वामित्व स्थापन, नियंत्रण या उनको हटाना योग है। वैदिक योग दर्शन के सूत्रकार महान मनोवैज्ञानिक महर्षि पतंजलि के योगसूत्र में योग की परिभाषा है – योगश्चित्तवृत्तिनिरोध:। योग शब्द युज् (जोड़ना या मिलाना) धातु से निष्पन्न हुआ है। योग के बीज ऋ ग्वेद में भी पाए जाते हैं। ऋ ग्वेद…

Read More