
हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुइज्म, क्या मानते हैं नेता, वेद, पुराणों में नहीं है जिक्र?
हिमालयात् समारभ्य यावत् इन्दु सरोवरम्। तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थानं प्रचक्षते॥ अर्थात…
हिमालयात् समारभ्य यावत् इन्दु सरोवरम्। तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थानं प्रचक्षते॥ अर्थात…
हिंदू धर्म में देव उठनी एकादशी का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इस बार यह तिथि आज यानी मंगलवार 12 नवंबर को पड़ रही है। देवउठनी एकादशी को देव प्रबोधिनी या देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। …
अहिल्याबाई होल्कर, भारतीय इतिहास में एक ऐसी महान महिला शासक रही हैं, जिन्होंने अपने अद्वितीय प्रशासनिक कौशल, धार्मिक निष्ठा और जनकल्याणकारी कार्यों से एक मिसाल कायम की। उनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी नामक गाँव में हुआ था। उनके पिता मानकोजी शिंदे एक ग्राम प्रधान थे, और उनका परिवार सामान्य लेकिन धार्मिक…
कार्तिक शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने गौ-चारण लीला आरंभ की थी। कैसे करें गोपाष्टमी पूजन, पढ़ें विधि :- इस दिन बछड़े सहित गाय का पूजन करने का विधान है। इस दिन प्रातः काल उठ कर नित्य कर्म…
कल से छठ महापर्व की शुरुआत होने वाली है. नहाय खाय छठ पूजा का पहला और सबसे महत्वपूर्ण दिन है. यह दिन पूरे उपवास और अनुष्ठानों की शुरुआत का प्रतीक है. इस दिन व्रती स्नान करते हैं और शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं. हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से…
सोमवार का दिन बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन की सारी मुश्किलें दूर होती हैं। यदि आप देवों के देव महादेव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो आपको इस दिन उनकी विशेष उपासना…
एक कुप्रथा आजकल चल पड़ी है कि पूजन आरंभ होते हीं रुमाल निकाल कर सर पर रख लेते हैं, और कर्मकांड के लोग भी नहीं मना करते । जबकि पूजा में सिर ढकने को शास्त्र निषेध करता है। शौच के समय ही सिर ढकने को कहा गया है। प्रणाम करते…
भाई-बहन का असली उत्सव भ्रातृ द्वितीया अर्थात् भईया दूज की हार्दिक शुभकामनाएँ। भईया दूज का महत्व समाप्त करने की कुचेष्टा से ही रक्षाबंधन को भाई-बहन का उत्सव बनाने का षड्यंत्र रचा गया। रक्षाबंधन में तो पुरोहित द्वारा समाज के लोगों को रक्षासूत्र बांधने का विधान है। अकबर-कर्णावती के भाई-बहन का झूठा आख्यान सुनाकर इसे भाई-बहन…
शनिदेव यदि कुंडली के तृतीय, षष्ठ और एकादश भाव में आसीन हों, तो अपनी दशा में हानि नहीं, लाभ का कारक बनते हैं। ऐसे में, शनि से संबंधित कर्म अपार धन, संपत्ति व सफलता का कारक बनते हैं। तेल, चमड़े, लोहे, स्टील, मशीनरी, सर्विसिंग, कोयले, खनिज क्षेत्र में बड़ी सफ़लता देते हैं। इसे आजमाएं यदि…
वैदिक पंचांग के मुताबिक हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है। इस बार करवा चौथ पर चतुर्थी तिथि 20 अक्तूबर को सुबह 06 बजकर 46 मिनट से आरंभ होकर अगले दिन 21 अक्तूबर को सुबह 04 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी।…