यूपी में महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार महिला चालकों वाली ‘सारथी दीदी’ परिवहन सेवा शुरू करेगी। इस सेवा के तहत सफर के दौरान 24×7 निगरानी तंत्र, इमरजेंसी SOS बटन और तत्काल पुलिस सहायता की व्यवस्था रहेगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक तरफ यूपी पुलिस पुलिसिया प्रणाली को मजबूत करती नजर आ रही है। वहीं, दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सरकार भी प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की यात्रा को अधिक सुरक्षित और भयमुक्त बनाने के लिए एक खास पहल शुरू करने जा रही है।
यूपी में शुरू होगी ‘सारथी दीदी’ परिवहन सेवा
सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश में महिला यात्रियों के लिए विशेष रूप से महिला चालकों वाली ‘सारथी दीदी’ नाम से परिवहन सेवा शुरू की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस सेवा के तहत सफर के दौरान 24×7 निगरानी तंत्र, इमरजेंसी SOS बटन और तत्काल पुलिस सहायता की व्यवस्था रहेगी। इसका अर्थ यह है कि यात्रा केवल वाहन में बैठने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने तक ही सीमित नहीं रहेगी बल्कि महिलाओं की ये यात्रा हर क्षण मजबूत सुरक्षा के घेरे में रहेगी। बताते चलें कि योगी सरकार इस पूरी व्यवस्था को ‘भारत टैक्सी’ मॉडल के जरिए शहरों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है
ड्राइविंग ट्रेनिंग से खुलेगा रोजगार का द्वार
यूपी सरकार की ओर से शुरू की जाने वाली इस ‘सारथी दीदी’ योजना का सबसे खास पहलू महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत महिलाओं को ई-रिक्शा, दोपहिया वाहन और 4 पहिया कैब चलाने की विधिवत और खास ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे एक ओर जहां यात्रा करने वाली महिलाओं को महिला चालक का सुरक्षित विकल्प मिलेगा। वहीं, दूसरी ओर ड्राइविंग के जरिए महिलाओं के लिए आजीविका और आय के नए अवसर पैदा होंगे। दरअसल, इस मॉडल में महिलाएं केवल सेवा का लाभ लेने वाली यात्री नहीं रहेंगी बल्कि सेवा प्रदाता चालक बनकर सड़कों पर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करेंगी।
24×7 कंट्रोल रूम और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग की व्यवस्था
सुरक्षा के मोर्चे पर योजना में लाइव लोकेशन ट्रैकिंग, 24 घंटे एक्टिव रहने वाला कंट्रोल रूम और इमरजेंसी की स्थिति में सीधे पुलिस सहायता से जुड़ने का पुख्ता तंत्र रहेगा। इससे खासकर उन कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो रोजाना बसों से अकेले यात्रा करती हैं। इसके साथ ही योगी सरकार इस सेवा को प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी पैक्स से जोड़कर गांवों तक विस्तारित करेगी। जिससे अब तक केवल कृषि ऋण तक सीमित रहने वाला पैक्स का सहकारी ढांचा अब ग्रामीण मोबिलिटी, डिजिटल राइड-हेलिंग और स्थानीय डिलीवरी सेवाओं का मजबूत आधार बनेगा, जिससे गांव से अस्पताल, बाजार या रेलवे स्टेशन आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा।
