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नगर निगम गोशाला में मृत मिलीं 6 गायें, बांग्लादेशी घुसपैठियों से गोकशी कराने के आरोप

   भोपाल नगर निगम की गउशाला में भूख से तड़पकर छह गायों की मौत हो गई, जबकि चार की हालत गंभीर बनी हुई है। आरोप है कि गायों को चारे में गोबर मिलाकर खिलाया गया। आधी रात को जब हिंदू संगठनों ने धावा बोला, तो वहां शवों को गुपचुप दफनाने के लिए गड्ढे खोदे जा रहे थे।

भोपाल: झीलों की नगरी भोपाल से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी मानवता और आस्था को शर्मसार कर दिया है। नगर निगम की अरवलिया स्थित गोशाला में शुक्रवार की आधी रात जो मंजर दिखा, उसने लोगों की रूह कंपा दी। यहां एक-दो नहीं, बल्कि 6 गोवंश मृत अवस्था में पाए गए। आरोप है कि ये बेजुबान भूख के कारण गोबर मिक्स चारा खाने को मजबूर थे। इस घटना ने न केवल हिंदूवादी संगठनों को सड़क पर उतार दिया है, बल्कि स्लॉटर हाउस कांड के साथ जुड़कर इसे एक भयानक रूप दे दिया है।

रात के अंधेरे में दफनाने की थी तैयारी!

बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों को जब गोशाला में लापरवाही की सूचना मिली, तो वे आधी रात को वहां पहुंचे। गोशाला के गेट पर ताला लटका था, लेकिन जब पुलिस की मौजूदगी में ताला तुड़वाया गया, तो अंदर का दृश्य भयावह था। 6 गायें मर चुकी थीं और 4 तड़प रही थीं। आरोप है कि निगम कर्मियों ने गोशाला के अंदर ही एक बड़ा गड्ढा खोद रखा था ताकि इन मृत गायों को चुपचाप दफनाकर सबूत मिटाए जा सकें। गुस्से में आए कार्यकर्ताओं ने दोषियों को सद्बुद्धि देने के लिए वहीं हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।

स्लॉटर हाउस कांड: ‘650 गायों के वध का शक’

इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पिछले दिनों पकड़ी गई स्लॉटर हाउस की गाड़ी में गोमांस होने की पुष्टि हुई। वरिष्ठ पार्षद योगेंद्र सिंह ‘गुड्डू’ चौहान ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जितनी मात्रा में मांस मिला है, उससे आशंका है कि 650 से अधिक गायों का वध किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमआईसी (MIC) ने बिना परिषद की अनुमति के चुपचाप स्लॉटर हाउस को मंजूरी दे दी, जिसके परिणाम आज सामने आ रहे हैं।

प्रियंक कानूनगो का बड़ा दावा

मामले में सबसे सनसनीखेज मोड़ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो के बयान से आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि मुख्य आरोपी असलम के विरुद्ध शिकायत थी कि वह अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को भोपाल लाकर गोकशी करवाता है। कानूनगो ने सीधे सवाल उठाया कि जब नगर निगम ही इस कत्लखाने का संचालक है, तो किस अफसर पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए? उन्होंने आदमपुर छावनी के रेंडरिंग प्लांट को भी संदेह के घेरे में लेते हुए कहा कि इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं और अवैध घुसपैठियों को भोपाल से बाहर खदेड़ना होगा।

सियासत के केंद्र में ‘गोमाता’

नगर निगम के एडीसी ने देर रात मौके पर पहुंचकर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन तो दिया है, लेकिन हिंदूवादी संगठन अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद कई बड़े अफसरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।