वित्त वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में राज्य में विभिन्न एक्सप्रेसवे के लिए 15,310 करोड़ रुपये और औद्योगिक विकास की कई योजनाओं के लिए 6,127 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
चुनावी साल में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश भर में एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने और औद्योगिक परियोजनाओं पर दिल खोल कर खर्च करने जा रही है।सरकार ने विधानसभा के मॉनसून सत्र में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है। जिसमें प्रदेश भर में बन रहे विभिन्न एक्सप्रेसवे के लिए 15,310 करोड़ रुपये और औद्योगिक विकास की कई योजनाओं के लिए 6,127 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
वीबी रामजी को मिले ₹12,591 करोड़
चुनावी साल में ग्रामीण रोजगार को रफ्तार देने के लिए विकसित भारत जी राम जी (वीबी. रामजी) योजना के लिए विभिन्न मदों में 12,591 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं बिजली क्षेत्र को 7,358 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी व नीट पेपर लीक पर चल रहे विपक्ष के भारी हंगामे व नारेबाजी के बीच मंगलवार को मॉनसून सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इससे पहले योगी सरकार ने फरवरी में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का सालाना बजट पेश किया था। अनुपूरक बजट में सबसे ज्यादा धनराशि का आवंटन एक्सप्रेस वे परियोजनाओं के लिए किया गया है।
विंध्य एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण को ₹5,700 करोड़
गंगा एक्सप्रेसवे को विस्तार देते हुए प्रयागराज-मिर्जापुर, वाराणसी-चंदौली व सोनभद्र तक बनने वाले विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए अनुपूरक बजट में 6,500 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों के लिए, वहीं 2,300 करोड़ रुपये जमीन खरीद के लिए आवंटित किए गए हैं। गंगा एक्सप्रेस वे का मेरठ से लेकर हरिद्वार तक विस्तार करने के लिए जमीन की खरीद के मद में 5,700 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वहीं इसके निर्माण पर 80 करोड़ रुपये धनराशि दी गयी है।
जेवर एयरपोर्ट से बुलंदशहर के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए 250 करोड़ रुपये अनुपूरक बजट में आवंटित किए गए हैं। हरदोई-फर्रूखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए बनने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान अनुपूरक बजट में किया गया है।
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फॉर्च्यून 500 कंपनियों को ₹1,302.61 करोड़
औद्योगिक विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी अनुपूरक बजट में धन आवंटित किया गया है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) व यूपी में निवेश करने वाली फारच्यून 500 कपंनियों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए अनुपूरक बजट में 1,302.61 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इससे पहले सालाना बजट में भी इस मद में 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था।
औद्योगिक क्षेत्रों को ₹3,000 करोड़
संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क परियोजना के कार्यों के लिए अनुपूरक बजट में 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण व नए औद्योगिक क्षेत्रों के प्रोत्साहन के लिए इस बार 3,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की गयी है। अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए अनुपूरक बजट में 1,500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सालाना बजट में भी इस मिशन के तहत अवस्थापना विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था।
औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने ₹200 करोड़
एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के करीब अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर, बदांयू, हमीरपुर, इटावा, महोबा, जालौन और उन्नाव में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (भाव्या) के तहत संडीला-हरदोई, रामसनेहीघाट-बाराबंकी, मेजा-प्रयागराज, आईएमएलसी बांदा, अंबेडकरनगर, गाजीपुर व सेक्टर 28 झांसी में परियोजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए 495.86 करोड़ रुपये अनुपूरक बजट में आवंटित किए गए हैं।
बिजली क्षेत्र के लिए भी बड़ा आवंटन
अनुपूरक बजट में बड़ा आंवटन बिजली क्षेत्र को भी किया गया है। इसमें रिवैम्प बिजली वितरण योजना के लिए 6,958 करोड़ रुपये व मेजा तापीय बिजली परियोजना के तीसरे चरण के लिए 400 करोड़ रुपये दिए गए हैं। विकसित भारत जी राम जी (वीबी जीरामजी) योजना के तहत 1037.83 करोड़ प्रशासनिक व्यय, 4609.37 करोड़ रुपये श्रमांश, 5445.85 करोड़ रुपये सामाग्री के लिए आवंटित किए गए हैं, जबकि 2,300 करोड़ रुपये पुरानी मनरेगा योजना के खर्च के भुगतान के लिए दिए गए हैं।
निराश्रित विधवाओं के पेंशन के लिए 746.88 करोड़ रुपये तो वृद्धावस्था पेंशन के लिए 1,500 करोड़ रुपये का आवंटन अनुपूरक बजट में किया गया है।चुनावी साल में प्रचार –प्रसार की जरूरत को देखते हुए अनुपूरक बजट में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के लिए 550 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

