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पीएम मोदी के पैर छुए तो उन्होंने हाथों को सिर पर रखकर किया प्रणाम, पद्मश्री अवॉर्ड पाने वाली मंगला कपूर कौन हैं

प्रोफेसर मंगला कपूर को काशी की लता भी कहा जाता है। उनका जीवन साहस, हौसला और हिम्मत की मिसाल माना जाता है। उन्हें आज राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री से नवाजा गया।

नई दिल्ली: काशी की लता के नाम से मशहूर मंगला कपूर को मंगलवार को पद्मश्री से नवाजा गया है। साहस, हिम्मत और संगीत से अपने जीवन को बदलने वाली शक्ति का मंगला कपूर एक बेहतरीन उदाहरण है। भारतीय शास्त्रीय संगीत की जानी-मानी गायिका और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) की पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर मंगला कपूर को मंगलवार को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके उस सफर की कामयाबी है जो असाधारण संघर्ष और अटूट संकल्प से भरा रहा है। इससे पहले उन्होंने सोमवार को पद्मश्री अवॉर्ड पर कहा था कि इस मुकाम तक पहुंचना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है। दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी विजय अमृतराज, अभिनेता ममूटी, पार्श्व गायिका अलका याग्निक, क्रिकेटर रोहित शर्मा समेत 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित होने वाले इस समारोह में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस केटी थॉमस और मशहूर मलयालम पत्रकार पी नारायणन को पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया। विजय अमृतराज, अभिनेता ममूटी, पार्श्व गायिका अलका याग्निक समेत सात हस्तियों को पद्मभूषण दिया गया।

पीएम मोदी के पैर छुए तो उन्होंने सिर पर हाथ रखकर किया प्रणाम

जब प्रोफेसर मंगला कपूर का नाम पद्मश्री अवॉर्ड के लिए बुलाया गया तो वह आईं और उन्होंने वहां मौजूद सभी को प्रणाम करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छुए। इस पर पीएम मोदी ने उनके दोनों हाथों को अपने सिर पर रख लिया और मंगला कपूर को प्रणाम किया। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगला कपूर को पद्मश्री सम्मान से नवाजा।

प्रोफेसर मंगला कपूर बोलीं-मुझे यकीन ही नहीं हुआ

इससे पहले न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर मंगला कपूर ने कहा था-‘जब मुझे पता चला कि पद्म पुरस्कार के लिए मेरा नाम आगे बढ़ाया गया है, तो मुझे यकीन नहीं हुआ। लेकिन जब इसकी पुष्टि हुई, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझ जैसी महिला को इतना बड़ा पुरस्कार मिलेगा। इस मुकाम तक पहुंचना मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि है…

मेरे जैसी महिला के लिए पद्म श्री तक पहुंचना कितना मुश्किल रहा होगा, कितनी कठिनाइयां आई होंगी। इसलिए, मैं अपनी खुशी बयां नहीं कर सकती… मैं दिव्यांग लोगों के लिए काम करती हूं।
                                                                                                प्रोफेसर मंगला कपूर

मैं दिव्यांग लोगों के लिए काम करती हूं: मंगला कपूर

दिल्ली में 23 जून को पद्म श्री अवॉर्ड मिलने पर भारतीय शास्त्रीय गायिका प्रोफ़ेसर मंगला कपूर कहती हैं, ‘मैं अपनी खुशी के बारे में क्या कहूं? आप समझ सकते हैं कि मेरे जैसी महिला के लिए पद्म श्री तक पहुंचना कितना मुश्किल रहा होगा, कितनी कठिनाइयां आई होंगी। इसलिए, मैं अपनी खुशी बयां नहीं कर सकती… मैं दिव्यांग लोगों के लिए काम करती हूं और लिखती भी रहती हूं…

ग्वालियर घराने की कलाकार हैं मंगला कपूर

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