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ईरान की ओर अमेरिका ने भेजे 3 नए जहाज, F-35 के साथ 4000 सैनिक तैनात, क्या होर्मुज खोल सकेंगे?

   अमेरिका ने USS बॉक्सर को मिडिल ईस्ट भेज दिया है, जहां USS ट्रिपोली पहले से मौजूद है. दोनों जहाज F-35B लड़ाकू विमानों से लैस हैं. US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जमीनी कार्रवाई से इनकार किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लंबी सैन्य रणनीति का हिस्सा है और इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है.

तेहरान: पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और अब अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने ताकतवर युद्धपोत USS बॉक्सर को कैलिफोर्निया से रवाना कर दिया है. कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह जहाज ईरान की ओर बढ़ रहा है. USS बॉक्सर, USS पोर्टलैंड और USS कॉमस्टॉक साथ में हैं, जिन पर 2500 सैनिक सवार हैं. ईरान के साथ चल रही जंग में अमेरिका लगभग 8,000 सैनिकों की तैनाती में तेजी ला रहा है. इससे पहले USS ट्रिपोली पहले ही हिंद महासागर के पूर्वी हिस्से में मौजूद है. अब अमेरिका के पास एक साथ दो बड़े हमला करने वाले जहाज हो जाएंगे. ये ऐसे जहाज हैं जिनके जरिए सीधे सैनिकों को जमीन पर उतारा जा सकता है. इन जहाजों पर ही F-35B लड़ाकू विमान हैं, जो कम दूरी से उड़ान भर सकते हैं और रडार से बचने में सक्षम माने जाते हैं.

हालांकि हाल ही में ईरान ने एक F-35 को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है, जिससे साफ है कि हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं. व्हाइट हाउस के अंदर भी हलचल तेज है. चर्चा थी कि अमेरिका ईरान की खाड़ी में मौजूद कुछ द्वीपों पर कब्जा कर सकता है ताकि होरमुज जलडमरूमध्य को खोलने का रास्ता बनाया जा सके. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संभावना को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी जगह सैनिक नहीं भेज रहा हूं.

4000 सैनिकों को भेज रहा ईरान की ओर

      USS ट्रिपोली 31वें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के साथ पहले ही ईरान की ओर बढ़ रहा है और वहां मौजूद USS जेराल्ड आर. फोर्ड और USS अब्राहम लिंकन जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर की ताकत बढ़ाएगा. वहीं USS बॉक्सर भी USS कॉमस्टॉक, USS पोर्टलैंड और 11वें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के साथ रवाना हुआ है. इसमें कम से कम 2500 मरीन सैनिक तैनात हैं. इस तैनाती में 11वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट भी शामिल है, जिससे तीनों जहाजों पर नौसैनिकों और मरीन सैनिकों सहित कुल कर्मियों की संख्या लगभग 4,000 हो गई है. इनके पहुंचने के बाद और USS ट्रिपोली के सैनिकों मिला लें तो यहां लगभग 8000 सैनिक हो जाएंगे.
    चार अधिकारियों ने न्यूजमैक्स को बताया कि USS बॉक्सर को तय समय से पहले भेजा गया है. यह कदम पेंटागन की तरफ से ज्यादा सैन्य ताकत जुटाने के संकेत देता है. हालांकि बॉक्सर को युद्ध क्षेत्र तक पहुंचने में करीब तीन हफ्ते लगेंगे. इससे साफ है कि अमेरिका सिर्फ तुरंत नहीं बल्कि लंबी रणनीति पर काम कर रहा है.

USS बॉक्सर की ताकत क्या है?

USS बॉक्सर अमेरिका का बेहद ताकतवर ‘अम्फीबियस असॉल्ट’ युद्धपोत है, जिसे चलते-फिरते छोटे एयरबेस की तरह इस्तेमाल किया जाता है. यह जहाज एक साथ F-35B जैसे आधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और सैकड़ों मरीन सैनिकों को लेकर चल सकता है. इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह सीधे समुद्र से हमला शुरू करने की क्षमता रखता है, यानी बिना जमीन पर उतरे भी दुश्मन पर एयर और ग्राउंड ऑपरेशन चला सकता है

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