उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास, एक्सप्रेस वे, ऊर्जा, स्वास्थ्य और सहकारी क्षेत्र समेत विभिन्न योजनाओं के लिए 24,497 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया।
औद्योगिक विकास, एक्सप्रेस वे व ऊर्जा विभाग को भारी-भरकम आवंटन के साथ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार को अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 24496.98 करोड़ रूपये का अनुपूरक बजट पेश किया जो कि वित्त वर्ष 2025-25 के मूल बजट का 3.03 फीसदी है।
औद्योगिक विकास, एक्सप्रेस वे व ऊर्जा विभाग को भारी-भरकम आवंटन के साथ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार को अनुपूरक बजट पेश किया।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 24496.98 करोड़ रूपये का अनुपूरक बजट पेश किया जो कि वित्त वर्ष 2025-25 के मूल बजट का 3.03 फीसदी है। इसमें सबसे अधिक आवंटन प्रदेश में चल रही विभिन्न एक्सप्रेस वे परियोजनाओं के लिए किया गया है। यह चालू वित्त वर्ष का पहला अनुपूरक बजट है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने 2025-26 के लिए 8.08 लाख करोड़ रूपये का सालाना बजट पेश किया था। वित्त मंत्री ने कहा कि कल्याणकारी व विकासपरक योजनाओं को धन उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक बजट की आवश्यकता पड़ी है।
अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास विभाग के लिए 4874. 21 करोड़ रूपये आवंटित किए गए हैं। गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में 1835 करोड़ रूपये की व्यवस्था की है। इस एक्सप्रेस वे पर यातायात का संचालन अगले महीने से शुरू किया जा सकता है। वहीं करीब-करीब तैयार हो चुके जेवल अंतरर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के लिए अनुपूरक बजट में 1246 करोड़ रूपये का प्रवधान किया गया है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के बचे हुए कामों को पूरा करने के लिए 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी है। इस तरह अनुपूरक बजट में केवल एक्सप्रेस वेज के लिए 3181 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। विदेश प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के प्रोत्साहन के लिए 371.69 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है।
औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए 823.43 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। आक्सीजन उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए इकाइयों को प्रोत्साहन राशि हेतु 23.03 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी है।
इसके अलावा ऊर्जा विभाग के लिए कुल 4521.10 करोड़ रूपये का आवंटन अनुपूरक बजट में किया गया है। रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम (आरडीएसएस) के तहत वितरण कंपनियों को होने वाली हानियों की प्रतिपूर्ति के लिए 3744.45 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है वहीं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड को वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 500 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है। अनुपूरक बजट में टिहरी हाइड्रोइलेक्ट्रिक कारपोरेशन के तहत चल रही परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 176.65 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी है।
अनुपूरक बजट में सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों को गन्ना बकाया भुगतान करने के लिए 400 करोड़ रूपये ऋण के रूप में दिए जाने की व्यवस्था की गयी है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को विभिन्न कार्यों के लिए 1965.05 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है। नगर विकास विभाग को 1736 करोड़ रूपये का आवंटन शहरी विकास के विभिन्न कार्यों के लिए किया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी दिए जाने के लिए 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था अनुपूरक बजट में की गयी है।
अनुपूरक बजट पर बुधवार को चर्चा के बाद इसे पारित कराया जाएगा।

