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आतंकियों के ठिकाने तक ले गया ‘टायसन’, गोली से हो गया घायल; देखें कैसे आर्मी डॉग ने दिखाई बहादुरी

  जम्मू कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के एक सुदूर इलाके में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गए। इस ऑपरेशन में सेना का डॉग टायसन की अहम भूमिका रही।

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराया। इस एंटी-टेरर ऑपरेशन के दौरान ट्रेंड आर्मी डॉग टायसन ने खास तौर पर ने बहुत बहादुरी दिखाई। उसने सैनिकों को जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के ठिकाने तक पहुंचाया और पहली गोली खाई। इसके बाद सिक्योरिटी फोर्स ने तीन आतंकवादियों को मार गिराने में सफलता हासिल की।

कैसे टायसन ने दिखाई होशियारी?

इंडियन आर्मी के 2 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) का एक एलीट जर्मन शेफर्ड टायसन, छतरू के ऊबड़-खाबड़ इलाके में बने ठिकाने में रेंगकर घुसा। इसके बाद आतंकवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पैर में गोली लगने के बावजूद, K9 आगे बढ़ता रहा। इससे सैनिकों को ठिकाने का सही पता लगाने और उन लोगों को बेअसर करने में मदद मिली। ऑपरेशन त्राशी-I के तहत चटरू बेल्ट के पासेरकुट इलाके में मुठभेड़ के दौरान पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद संगठन के तीन सदस्य मारे गए। इस बीच, टायसन को मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया है। बताया जा रहा है कि वह सुरक्षित हैं और रिकवर हो रहा है।

 

मरने वालों में कुख्यात कमांडर सैफुल्ला भी शामिल

अधिकारियों ने बताया कि मारे गए तीनों आतंकवादियों के शव बुरी तरह झुलस गए हैं क्योंकि वे जिस मिट्टी के मकान में छिपे हुए थे उसमें गोलीबारी के कारण आग लग गई थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के प्रारंभिक आकलन में पता चला है कि मृतकों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का एक कुख्यात कमांडर सैफुल्ला भी है। अधिकारियों ने बताया कि तीसरे आतंकवादी का शव और एक हथियार शाम को आतंकवादी के जले हुए ठिकाने से बरामद किया गया। रविवार को तीन आतंकवादियों के मारे जाने के साथ ही, इस साल जम्मू क्षेत्र में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के कुल सात आतंकवादियों को मार गिराया है।

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