आईपीएस चारू निगम का तबादला यूपी 112 से 47वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद में सेनानायक पद पर हो गया है। वह इस पद पर पहले भी काम कर चुकी हैं।
लखनऊ: 2014 बैच की आईपीएस अफसर चारू निगम का एक बार तबादला हो गया है। उनको यूपी 112 में एसपी के पद से 47वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद में सेनानायक पद पर भेजा गया है। इससे पहले बीते अगस्त में उनका सुल्तानपुर एसपी पद से ट्रांसफर हुआ था। वहां भी वह छह महीने ही काम कर पाई थीं। सुल्तानपुर में आने से पहले भी वह 47वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद में सेनानायक का पद संभाल रही थीं।
तेजतर्रार अफसर मानी जाने वालीं आईपीएस चारू निगम भूमाफिया, शराब माफिया और ड्रग्स तस्करों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं। उन्होंने 2010 से सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की थी। 2013 में उनको सफलता मिली। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पहली पोस्टिंग झांसी में मिली थी।
भाजपा एमएलसी ने लगाए थे गंभीर आरोप
बतौर सुल्तानपुर एसपी उनके कामकाज को लेकर भाजपा एमएलसी देवेंद्र सिंह ने कई गंभीर आरोप लगाए थे। उनके कार्यकाल के शुरुआती दो महीने में लगातार दरोगा और सिपाहियों के ट्रांसफर हुए। वह आगरा की रहने वाली हैं। उनकी पढ़ाई दिल्ली से हुई है। उन्होंने बीटेक किया हुआ है।
सोशल मीडिया पर जताई थी नाराजगी
सुल्तानपुर एसपी पद से तबादला होने के बाद आईपीएस चारू निगम ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। वह इस समय प्रेगनेंट हैं। उन्होंने लिखा था कि मां बनना कोई कमजोरी नहीं बल्कि एक ताकत है। प्रेगनेंसी के बावजूद वह पूरा जिला चलाने में सक्षम थीं।
50 किलो चांदी लूट के खुलासे से चर्चा में आईं
चारू निगम औरैया की एसपी भी रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल में उन्होंने 50 किलो चांदी की लूट का खुलासा किया था। आगरा के कारोबारी से हुई इस लूट में एक इंस्पेक्टर, दरोगा और हेड कांस्टेबल शामिल थे। चारू निगम ने अभियान चलाकर इंस्पेक्टर के घर से 50 किलो चांदी बरामद करवाई थी। इस मामले से वह सुर्खियों में आ गई थीं।

