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UP Board Exam में पांच लेवल से होगी लाइव निगरानी, बोर्ड ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजार

 माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए पांच-स्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की है। राज्य से लेकर जनपद स्तर तक कंट्रोल रूम सक्रिय किए जा रहे हैं, जहां से परीक्षा केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग देखी जाएगी। हालांकि, जिला स्तर पर कंप्यूटर और ऑपरेटरों की कमी एक चुनौती बनी हुई है। डीवीआर विवरण अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

जौनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए बोर्ड ने सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार किया है। शुचिता बनाए रखने के लिए पांच स्तरों पर निगरानी की जाएगी। इसके लिए राज्य से लेकर जनपद स्तर तक कंट्रोल रूम सक्रिय किए जा रहे हैं। राज्य स्तर कंप्यूटर सेट के साथ ऑपरेटर की मांग की गई है।

अब तक परीक्षा की मॉनीटरिंग जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कंट्रोल रूम, ई-डिस्ट्रिक्ट सेल और प्रदेश स्तर से होती थी। बाद में व्यवस्था को और कड़ा करते हुए मंडल स्तर और यूपी बोर्ड मुख्यालय में भी विशेष निगरानी सेल गठित किए गए हैं।

इन पांचों केंद्रों से अधिकारी किसी भी परीक्षा केंद्र की लाइव वेबकास्टिंग देख सकेंगे और गड़बड़ी मिलने पर तत्काल फील्ड टीम को सूचित करेंगे।

संसाधनों की कमी बनी चुनौती

बोर्ड की सख्ती के बीच धरातल पर कुछ मुश्किलें भी सामने आ रही हैं। बोर्ड ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से निगरानी के लिए कंप्यूटर और आपरेटर की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, कार्यालय में पहले से ही कंप्यूटरों की कमी है, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। ऐसे में बोर्ड को संसाधन और मैनपावर उपलब्ध कराना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

डीवीआर विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश

जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि शिक्षा निदेशक माध्यमिक मनोज कुमार द्विवेदी के पत्र के अनुपालन जिले के सभी प्रधानाचार्यों को सख्त आदेश दिए गए हैं।

राज्य स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के लिए कंप्यूटर में परीक्षा संबंधी सभी जानकारी अपलोड करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।

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