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भारत-रूस के मजबूत रिश्तों तक पहुंची बात, सुप्रीम कोर्ट भी टेंशन में…..

   भारत और रूस के बीच कस्टडी विवाद ने सुप्रीम कोर्ट की चिंता बढ़ा दी है। एक रूसी महिला अपने बच्चे के साथ देश से भाग गई है। केंद्र सरकार ने बताया कि महिला नेपाल के रास्ते रूस पहुंच गई होगी। रूसी दूतावास से सहयोग न मिलने पर कोर्ट ने निराशा जताई है।

   नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच मजबूत संबंधों को बनाए रखने की चिंता के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने एक 4 साल के बच्चे की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद पर चिंता जताई है। रूसी महिला विक्टोरिया बसु पर आरोप है कि वह अपने बच्चे को लेकर देश से भाग गई है। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया है कि महिला संभवतः नेपाल के रास्ते देश से बाहर निकल गई है और रूस पहुंच गई होगी। कोर्ट ने इस मामले में रूसी दूतावास से ठोस जवाब न मिलने पर निराशा व्यक्त की है।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि वे ऐसा कोई आदेश नहीं देना चाहते जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों पर असर पड़े, लेकिन यह एक बच्चे का मामला है और यह बहुत महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब केंद्र सरकार ने बताया कि उन्हें इस मामले में रूसी दूतावास से कोई खास मदद नहीं मिली है।

‘…बच्चा अपनी मां के साथ सुरक्षित और स्वस्थ होगा’

कोर्ट ने उम्मीद जताई कि बच्चा अपनी मां के साथ सुरक्षित और स्वस्थ होगा, लेकिन साथ ही यह भी चिंता जताई कि कहीं यह बाल तस्करी का मामला न हो या बच्चे का किसी तरह का शोषण न हो रहा हो। कोर्ट ने अधिकारियों को रूसी अधिकारियों से मदद मांगने के लिए दो हफ्ते का और समय दिया है।

यह मामला भारत और रूस के बीच बढ़ते रणनीतिक साझेदारी के बीच आया है, जिन्होंने हाल ही में अपने संबंधों के 25 साल पूरे किए हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा भी दिसंबर की शुरुआत में होने वाली है। सुप्रीम कोर्ट दिल्ली पुलिस और विदेश मंत्रालय (MEA) की स्टेटस रिपोर्ट की समीक्षा कर रहा था, जिसमें विक्टोरिया और बच्चे को खोजने के प्रयासों का विवरण दिया गया था।

क्या है मामला?

बच्चे के पिता भारतीय नागरिक साइकत बसु, अपनी रूसी पत्नी विक्टोरिया के साथ कस्टडी की लड़ाई लड़ रहे हैं। साइकत बसु ने कोर्ट को बताया कि लंबित मामले के बीच उन्हें अपनी पत्नी और बच्चे के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, मॉस्को में भारतीय दूतावास ने रूसी समकक्षों से संपर्क किया था, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। मंत्रालय नेपाल में उन लोगों से पूछताछ करने में दिल्ली पुलिस का सहयोग कर रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर विक्टोरिया को भागने में मदद की थी।

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