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राजा रघुवंशी को सोनम ने दिया खाई में धक्का! आखिरी सांस तक वो हत्यारों से लड़ते रहे, मौत से पहले की पूरी कहानी…..

   सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी के बाद अब इस हत्याकांड से जुड़ी चौंकाने वाली कहानियां सामने आ रही है। जिस समय राजा रघुवंशी को मारा गया, सोनम वहीं पर मौजूद थी।

    नई दिल्ली: इंदौर के शादीशुदा कपल राजा रघुवंशी और सोनम की कहानी सोमवार को पूरी तरह से बदल गई। राजा की लाश मिलने के ठीक सात दिन बाद सोनम रघुवंशी सामने आई और यूपी के गाजीपुर में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस का कहना है कि सोनम ने सुपारी देकर हत्यारों को हायर किया और अपने पति राजा की हत्या की साजिश रची। इस साजिश में उसका प्रेमी राज कुशवाहा भी शामिल था। अभी तक सोनम को पीड़ित समझा जा रहा था, लेकिन अब वही इस पूरी साजिश की असली मास्टरमाइंड निकली।

वहीं, सोनम के पिता ने कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के आरोपों को गलत बताया और दावा किया कि उनकी बेटी निर्दोष है। उनका कहना है कि सोनम को फंसाया जा रहा है। दूसरी तरफ राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने दावा किया है कि सोनम ने सरेंडर नहीं किया, बल्कि परिवार ने कॉल आने के बाद पुलिस को उसकी खबर दी थी। अचानक बदली इन घटनाओं ने मामले को किसी थ्रिलर फिल्म जैसा बना दिया है। इस बीच एक और हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई है।

कैसे लिखी गई मौत की स्क्रिप्ट

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजा रघुवंशी की हत्या उनकी पत्नी सोनम के सामने ही हुई थी। रिपोर्ट में मेघालय पुलिस के हवाले से बताया गया है कि राजा रघुवंशी की हत्या की ये पूरी स्क्रिप्ट सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने मिलकर रची थी। प्लान ऐसा था कि किसी को भनक तक ना लगे कि ये काम उन दोनों ने किया है।

11 मई को जब सोनम और राजा की शादी हुई तो दोनों परिवार खुश थे, किसी को एहसास नहीं था कि ये खुशियां बहुत जल्द मातम में बदलने वाली हैं। सोनम का व्यवहार ऐसा था, जैसे वो इस परिवार को वर्षों से जानती है। अपने ऊपर शक करने की उसने कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी। घर से जैसे ही शादी के मेहमान विदा हुए, सोनम ने पांच दिन बाद राजा को मारने का प्लान बना लिया।

एक किलोमीटर दूर हत्यारों का बसेरा

प्लान के मुताबिक, राज इंदौर में ही रहा। सोनम, विशाल, आकाश और आनंद शिलॉन्ग गए। सोनम ने सबको अलग-अलग और अपने होम स्टे से दूर रुकने के लिए कहा। इसलिए, आरोपी शिलॉन्ग में सोनम और राजा के होम स्टे से लगभग 1 किलोमीटर दूर एक होटल में रुके थे। सोनम के पास इन सभी आरोपियों के फोन नंबर थे।

पुलिस का कहना है कि सोनम जहां भी जाती थी, वह आरोपियों को अपनी लोकेशन भेजती थी। इससे आरोपियों को राजा तक पहुंचने में मदद मिली। 23 मई को सोनम राजा को पहाड़ी इलाके कोरसा में ले गई। उसने फोटो शूट का बहाना बनाया था। रास्ते में तीन और लोग राजा से मिले। वे सब साथ में चलने लगे। आरोपियों ने मेघालय पुलिस को बताया कि इस दौरान सोनम थकने का नाटक कर रही थी और धीरे-धीरे पीछे रह गई।

खाई में फेंकने से पहले चल रही थी सांसें

पहाड़ी पर चढ़ते-चढ़ते आरोपी भी थक गए और राजा की हत्या करने से मना किया। सोनम को लगा कि उसका प्लान फेल हो रहा है। ऐसे में उसने आरोपियों से कहा कि उन्हें राजा को मारना ही होगा, बदले में वह 20 लाख रुपए देगी। उसने राजा के पर्स से निकाले हुए 15 हजार रुपए भी उन्हें दे दिए। फिर एक सुनसान जगह पर उसने अचानक चिल्लाकर कहा, मार दो इसे

राजा रघुवंशी की हत्या में चार लोग शामिल थे। इनमें से विशाल चौहान ने राजा पर पीछे से हमला किया। उस वक्त सोनम भी वहीं मौजूद थी। इस दौरान दूसरा आरोपी आकाश राजपूत किराए की बाइक से आसपास नजर रखे हुए था। राजा ने आरोपियों का मुकाबला भी करने की कोशिश की, लेकिन वह बुरी तरह घायल हो चुके थे। खाई में फेंकने से पहले तक राजा की सांसें चल रही थीं।

ऑनलाइन खरीदा था हथियार

आरोपियों ने जब राजा को खाई में फेंकने की कोशिश की, तो सोनम भी उनकी मदद के लिए आ गई और उसने खुद अपने पति को धक्का दिया। सबकुछ प्लान के मुताबिक होने के बाद सोनम शिलॉन्ग से गुवाहाटी चली गई और फिर ट्रेन से यूपी के लिए रवाना हो गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने राजा को मारने के लिए जिस हथियार का इस्तेमाल किया, वह डाव था। डाव का मतलब है एक छोटी कुल्हाड़ी। उन्होंने इसे गुवाहाटी से ऑनलाइन खरीदा था।

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