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बंगलूरू बुलाकर युवती का यौन शोषण गंभीर अपराध, आरोपी को नहीं दी सकती जमानत : कोर्ट

रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली युवती के यौनशोषण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आबिद शमीम की अदालत ने आरोपी की जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी सोलू कुमार निवासी झारखंड की तरफ से न्यायालय में दलील दी गई कि पीड़िता पढ़ी लिखी आधुनिक समाज की युवती है।

उसके बयान में काफी विरोधाभास है। इंस्टाग्राम पर हुई मुलाकात में उसने ही शादी का प्रस्ताव रखा था। जहां वह मेहनत मजदूरी करता था। वहीं पर आकर वह रहने लगी। बाद में वह अपने पिता के घर चली गई। उसने कई बार वापस आने-शादी के लिए कहा लेकिन वह तैयार नहीं हुई। बार-बार कहने पर परिवार के दबाव में आकर झूठी प्राथमिकी दर्ज करा दी। पीड़िता पक्ष की ओर से आरोपी की दलीलों का विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया पीड़िता अनुसूचित जाति की है। उसको शादी का झांसा देकर बंगलूरू में रख गया। उसके साथ आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाया। शादी के लिए कहने पर मारपीट करने की।

आपत्तिजनक तस्वीरें मोबाइल के जरिये सार्वजनिक की गईं। पीड़िता ने भी बयान में अभियोजन कथानक का समर्थन किया। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति की युवती के साथ इस प्रकार का अपराध काफी गंभीर प्रकृति का है। ऐसे अपराध का पीड़िता की मनः स्थिति और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव की स्थिति को देखते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती है। मामले में पीड़िता ने 16 नवंबर 2025 को कोतवाली में तहरीर दी थी।

बताया था कि सोलू कुमार निवासी हरनाटाड जिला बेतिया झारखंड ने उसे इंस्टाग्राम पर दोस्ती का अनुरोध भेजा। इस पर उसने फॉलो बैक कर दिया। दोनों में बातचीत शुरू हो गई। बातचीत प्रेम प्रसंग में बदल गया। आरोप है कि युवक ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर बंगलूरू सिटी बुलाया और उसे पांच माह तक साथ रखकर यौन शोषण किया। जब भी पीड़िता उससे शादी की बात करती वह बहाने बनाना शुरू कर देता था। दबाव बनाने पर उसे मारपीट कर बंगलूरू से से भगा दिया। वह किसी तरह से वहां से वाराणसी होते हुए घर पहुंची। इसके बाद आरोपी ने अश्लील वीडियो के जरिये पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आपत्तिजनक तस्वीरें उसके परिवार वालों-रिश्तेदारों को भेजकर सात लाख रुपये की मांग की। बंगलूरू में काम करके पीड़िता ने एक लाख रुपये जुटाए थे। पीड़ित ने फोन पे के जरिये उसके खाते में भेज दिया। इसके बाद भी आरोपी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का क्रम जारी रखा। पुलिस ने आईटी एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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