Site icon Uttar Pradesh Jagran

राम मंदिर एसआईटी: जांच में चढ़ावा चोरी की पुष्टि; संदिग्धों पर FIR, ट्रस्ट के पुनर्गठन की अनुशंसा

   राम मंदिर चढ़ावा गबन विवाद सामने आने के बाद गठित एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार के पास आ गई है। माना जा रहा है कि सरकार की ओर से मामले में जल्द एक्शन होगा।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच कर रही एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर एक्शन जल्द

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोपों की जांच को गठित एसआईटी ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद सौंप दी। 20 पन्नों की रिपोर्ट में एसआईटी ने मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति, गणना प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर जिम्मेदारों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। साथ ही, गहन जांच कराए जाने की बात कही है। सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में ट्रस्ट के पदाधिकारियों समेत किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी है।

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में संदिग्धों पर एफआईआर करवाने और श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी सिफारिश की गई है। एसआईटी ने पिछले पांच साल में आए चढ़ावे का ऑडिट करवाने और किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त करने का सुझाव दिया है। एसआईटी ने मंदिर में नकदी चोरी के साथ ही चढ़ाए गए आभूषणों और शिलाओं के भी गायब होने का उल्लेख किया है। दरअसल, 13 जून को योगी सरकार ने एसआईटी का गठन कर एक हफ्ते में प्रारंभिक रिपोर्ट देने को कहा था।

एसआईटी की प्रमुख सिफारिशें:

 

जल्द एक्शन ले सकती है सरकार

राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोपों की जांच को गठित एसआईटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद सौंप दी। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार जल्द ही इस प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद कोई ऐक्शन ले सकती है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, राजेश पाठक, रमाशंकर, अविनाश शुक्ला, कृष्णदेव तिवारी और सुभाष सहित ट्रस्ट एवं बैंक से जुड़े संदिग्धों के साथ करीब 150 लोगों से पूछताछ का उल्लेख किया है।

रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

अयोध्या पहुंचीं कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका गुप्ता ने राम मंदिर में कथित दान घोटाले पर सरकार और ट्रस्ट से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट बंद लिफाफे में शासन को दी गई, पर सार्वजनिक नहीं की जा रही है। आरोपित पदों पर हैं, एफआईआर-गिरफ्तारी नहीं हुई और सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने की जिम्मेदारी तय नहीं हुई। कांग्रेस ने चांदी की सिल्ली, आभूषण, सामान की रिकवरी और चढ़ावे का हिसाब मांगा।

वहीं, उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने श्री रामजन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा एवं दान राशि से जुड़े कथित अनियमितताओं के प्रकरण पर देश के चारों पूज्य जगद्दरु शंकराचार्यों को पत्र भेजकर करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर लग रही चोट पर धर्माचार्यों के मार्गदर्शन की मांग की है।

Exit mobile version